भोपाल NSUI के साथियों द्वारा हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन कर उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
आखिर बीजेपी की ऐसी क्या मजबूरी है कि तमाम सवालों के बीच भी हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया?
Epstein Files के संदर्भ में उनके नाम को लेकर उठ रहे सवालों पर बीजेपी को देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
महिलाओं के सम्मान, नैतिकता और जवाबदेही की बात करने वाली बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह इन सवालों का जवाब दे।
देश को उपदेश देने वाली बीजेपी, अब खुद जवाब दे! आखिर यह कैसी राजनीति है और इसके पीछे क्या मजबूरी है?
#NSUI #BJP #Bhopal #EpsteinFiles
NSUI retweeted
Dear Mrs. Sitarama,
1.Which "legal and commercial matter" required Tata Trusts and Tata Sons to be hosted at Amit Shah's residence?
2.When is crony number 1 going to appear in the game and which pieces of Tata is he going to get?
Finally, all India's businesses except 3-4 of your cronies, already hate all of you and don't need any incitement.
Being the LoP @RahulGandhi, I suggest you refrain from politicising every issue. Also, casually labelling commercial and legal matters as criminal is unacceptable.
You have repeatedly decried the successes of Indian industry & our entrepreneurs. Now, are you trying to incite our business leaders to join you in spreading distrust & toxicity?
For decades, your party had smothered the spirit of the Indian entrepreneurs under the stifling ‘Licence-Quota Raj’ & inflicted poverty on crores of Indians.
On the other hand, our government led by PM @narendramodi values the Indian industry as job creators & drivers of economic growth. Our policies have been tailored to enable enterprise, support industry and encourage investment.
Political parties, leaders, governments and institutions share an equal responsibility to support our industry, strengthen our farmers and secure the future of our youth.
Therefore, it is essential to engage constructively rather than casting baseless aspersions to suit your narrow political motives.
The Constitution of India ensures justice to all its citizens & our Honourable Courts are entrusted with upholding it. History is witness to the shoddy manner in which you, your party and the PMs belonging to your party have demeaned the judiciary.
So Rahul ji, refrain from seeing ghosts everywhere.
✊ Vote Chori ke khilaaf aur Gyanesh Kumar ke isteefe ki maang ko lekar - Chalo Delhi!
🗓️ 1 November, 2026
📍 Ramlila Maidan, New Delhi
#ChaloDelhi
इंस्टाग्राम द्वारा NSUI के साथियों की @RahulGandhi जी के साथ व्यक्तिगत मुलाकातों की तस्वीरें तक हटाया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्या @Meta , @instagram पास कोई ऐसी गाइडलाइन है, जिसके तहत किसी नेता के साथ व्यक्तिगत तस्वीरें भी हटाई जा रही हैं? अगर राहुल गांधी जी किसी शादी या पारिवारिक समारोह में शामिल हुए हों और उनके साथ की तस्वीर साझा की जाए, तो उसे हटाने का क्या औचित्य है?
आखिर राहुल गांधी जी के साथ तस्वीर साझा करना किस नियम का उल्लंघन है?
@Meta इस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण दे और हमारे साथियों की हटाई गई सभी तस्वीरों को तत्काल रिस्टोर (बहाल) करे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए। इस तरह तस्वीरें हटाया जाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है!
@INCIndia @RahulGandhi
वोट चोरी के खिलाफ विनोद जाखड़ जी की हुंकार! ✊
वोट चोरी के आरोपों पर जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को राहुल गांधी जी के नेतृत्व में दिल्ली में महारैली होगी।
देशभर से छात्र, युवा और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिक अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए जुटेंगे।
🔥 1 नवंबर को लाखों कदम बढ़ेंगे दिल्ली की ओर!
📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली
चलो दिल्ली! 🇮🇳✊
#NSUI #VinodJakhar #ChaloDelhi
NSUI retweeted
मेरे राहुल गांधी जी के साथ एक सामान्य तस्वीर में ऐसा क्या था, जिसे हिंसा या किसी गाइडलाइन के उल्लंघन के बिना भी भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया?
@instagram के नोटिस के मुताबिक, 28 अक्टूबर 2026 को मेरी फोटो को भारत में स्थानीय कानूनों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन सवाल है आखिर किस कानून के तहत और किस आधार पर?
क्या अब देश के नेता श्री @RahulGandhi जी के साथ तस्वीर साझा करना भी प्रतिबंधों के दायरे में आएगा? अगर कोई नियम तोड़ा गया है, तो @Meta स्पष्ट करे कि कौन-सा नियम और किस आधार पर।
सरकार और Meta को जवाब देना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही सिर्फ सरकार के प्रति नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों यूज़र्स के प्रति भी है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले 17 दिनों से छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे NSUI साथियों की आवाज़ सुनने के बजाय दिल्ली पुलिस ने गेट नंबर 4 से NSUI के साथी फ़ैज़ान और ज़ीशान को हिरासत में ले लिया है और दोनों को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग अपराध नहीं है! छात्रों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज़ नहीं दबाई जा सकती। छात्र अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी! ✊
#NSUI #JamiaMilliaIslamia #StudentsRights
✊ संविधान की रक्षा के लिए,
🇮🇳 लोकतंत्र की मजबूती के लिए,
📢 वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के लिए —
चलो दिल्ली! चलो रामलीला मैदान!
🗓️ 1 नवंबर, 2026
📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली
#ChaloDelhi #SaveDemocracy #VoteBachaoDeshBachao
छात्रों के हक़ की लड़ाई हो या देश में वोट चोरी के ख़िलाफ़ लोकतंत्र बचाने का संघर्ष, NSUI हर मोर्चे पर पूरी मजबूती से लड़ रही है। 🇮🇳✊
NSUI की इसी बुलंद आवाज़ और संघर्ष से घबराकर भाजपा सरकार हमारे साथियों के Instagram अकाउंट्स बंद करवाने में लगी है। यह छात्रों की आवाज़ और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश है।
@Meta , भाजपा सरकार की कठपुतली बनना बंद कीजिए! हमारे साथियों के अकाउंट्स तत्काल बहाल कीजिए। याद रखिए, अकाउंट्स बंद करने से NSUI की आवाज़ और वोट चोरी के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई नहीं रुकेगी।
#RestoreNSUIAccounts
जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में NSUI के साथी एबिन बासिल समेत अन्य छात्र पिछले 16 दिनों से छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। लेकिन प्रशासन उनकी आवाज़ सुनने के बजाय बुनियादी सुविधाएं तक छीन रहा है।
छात्रों की आवाज़ दबेगी नहीं, हर दमन की जवाबदेही तय होगी..!!
NSUI retweeted
“The students of Jamia are protesting for their students’ union. They have nothing to do with these slogans on Kashmir; that’s just a diversion created by the Modi Govt. to avoid answering questions about the Chinese incursions in Arunachal Pradesh.”
#jamia













