मेरी ज़ात के दो पहलू हैं 🫠
एक पहलू मासूम, बचकाना, नादान और जज़्बाती-सा۔۔۔ 🥹🤍
और दूसरा पहलू ख़ुद्दार, ख़ामोश और अपने ख़ुलूस की क़द्र करने वाला۔۔۔ 🖤✨
जो मेरे ख़ुलूस का फ़ायदा उठाए,
मैं उससे दोबारा फ़ासला रख लेता हूँ, क्योंकि एक बार दिल से उतर जाने वालों को
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#अर्ज किया है कि,
मेरी कब्र पर फालतू ड्रामा न मचाया जाए! 🤣
जो ज्यादा हमदर्द है उन्हे भी साथ दुसरे कब्र मे लिटाया जाए।
😆😁😂🤣😊
#Tention_Free
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From the atrocities in Gaza to the US elections: Public reaction against the politics of hatred, prejudice, and religious Intolerance.
Those who spread hatred in the name of religion to gain and remain in power, divide people, and use oppression and force as political weapons should learn a lesson from the recent election results in Israel and the United States.
Despite Donald Trump's campaign against @AbdulElSayed (in which he repeatedly described him at different times as a Jihadi, someone who wanted to implement Sharia law, and even a threat to America's security) Abdur Rahman Al-Sayed's historic victory has proved that humanity and justice can overcome hatred.
These election results have sent a clear message that people cannot always be misled through fear, prejudice, and hatred.
The killing of innocent children, women, and unarmed civilians in Gaza, the destruction of residential areas, and the terrible scenes of hunger and homelessness have shaken the conscience of people around the world who believe in humanity. The voices raised and public protests held across the world against these atrocities have proved that no matter how powerful oppression may be, one day it must come to an end. These election results also carry an important message of public anger against the atrocities committed in Gaza.
No matter which country it is, those forces that use religion as a tool to gain and remain in power and promote hatred and division in society must learn a lesson from these results. History is witness that a rule based on oppression and injustice never lasts forever. Governments come and go, but the voice of justice, humanity, and truth can never be silenced forever.
#ArshadMadani
#JusticeAndHumanity
#StandWithGaza
नफ़रत की राजनीति कुछ वक़्त के लिए सत्ता दिला सकती है, मगर दिलों पर राज हमेशा इंसाफ़ और इंसानियत ही करती है। इतिहास में ज़ुल्म करने वाले नहीं, ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े होने वाले याद रखे जाते हैं। ❤️🩹✊
#JusticeAndHumanity
#StandWithGaza
ग़ज़ा में अत्याचार से लेकर अमेरिका चुनाव तक: नफ़रत, भेदभाव और धार्मिक असहिष्णुता की राजनीति के खिलाफ़ जनता की प्रतिक्रिया
सत्ता हासिल करने और उसेअबनाए रखने के लिए धर्म के नाम पर नफरत फैलाने, इंसानों को बांटने तथा अत्याचार और दमन को राजनीति का हथियार बनाने वालों के लिए इजरायल और अमेरिका के हालिया चुनावी नतीजे दुनिया भर में नफरत, जुल्म और धार्मिक कट्टरता की राजनीति करने वालों के लिए सबक हैं।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अब्दुल रहमान अल-सैयद के खिलाफ चलाए गए नकारात्मक प्रचार के (कभी जिहादी, कभी शरीयत कानून लागू करने का इरादा रखने वाला और कभी अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बताने के बावजूद) अब्दुल रहमान अल-सैयद की ऐतिहासिक कामयाबी ने साबित कर दिया कि नफरत पर इंसानियत और इंसाफ की जीत हो सकती है। इन चुनावी नतीजों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता को हमेशा भय, पक्षपातपूर्ण और नफरत के सहारे गुमराह नहीं किया जा सकता।
फिलिस्तीन के गाज़ा में मासूम बच्चों, महिलाओं और निहत्थे नागरिकों का नरसंहार, बस्तियों की तबाही, भूख और बेघर होने के भयावह दृश्यों ने पूरी दुनिया के इंसाफ पसंद और मानवतावादी लोगों के जमीर को झकझोर कर रख दिया है। इन अत्याचारों के खिलाफ दुनिया भर में उठने वाली आवाजों और जनआंदोलनों ने साबित कर दिया है कि जुल्म चाहे कितना ही ताकतवर क्यों न हो, एक दिन उसका अंत अवश्य होता है। इन चुनावी नतीजों में भी गाजा पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जनता की नाराजगी का एक महत्वपूर्ण संदेश छिपा हुआ है।
दुनिया का कोई भी देश हो, जो ताकतें धर्म को सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने का हथियार बनाती हैं तथा नफरत और विभाजन की राजनीति करती हैं, उन्हें इन चुनावी नतीजों से सबक लेना चाहिए। इतिहास गवाह है कि अत्याचार और दमन के सहारे चलने वाली सत्ता हमेशा कायम नहीं रहती। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इंसाफ, इंसानियत और सच्चाई की आवाज को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
#ArshadMadani
#JusticeAndHumanity
#StandWithGaza
Maahi retweeted
ग़ज़ा में अत्याचार से लेकर अमेरिका चुनाव तक: नफ़रत, भेदभाव और धार्मिक असहिष्णुता की राजनीति के खिलाफ़ जनता की प्रतिक्रिया
सत्ता हासिल करने और उसेअबनाए रखने के लिए धर्म के नाम पर नफरत फैलाने, इंसानों को बांटने तथा अत्याचार और दमन को राजनीति का हथियार बनाने वालों के लिए इजरायल और अमेरिका के हालिया चुनावी नतीजे दुनिया भर में नफरत, जुल्म और धार्मिक कट्टरता की राजनीति करने वालों के लिए सबक हैं।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अब्दुल रहमान अल-सैयद के खिलाफ चलाए गए नकारात्मक प्रचार के (कभी जिहादी, कभी शरीयत कानून लागू करने का इरादा रखने वाला और कभी अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बताने के बावजूद) अब्दुल रहमान अल-सैयद की ऐतिहासिक कामयाबी ने साबित कर दिया कि नफरत पर इंसानियत और इंसाफ की जीत हो सकती है। इन चुनावी नतीजों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता को हमेशा भय, पक्षपातपूर्ण और नफरत के सहारे गुमराह नहीं किया जा सकता।
फिलिस्तीन के गाज़ा में मासूम बच्चों, महिलाओं और निहत्थे नागरिकों का नरसंहार, बस्तियों की तबाही, भूख और बेघर होने के भयावह दृश्यों ने पूरी दुनिया के इंसाफ पसंद और मानवतावादी लोगों के जमीर को झकझोर कर रख दिया है। इन अत्याचारों के खिलाफ दुनिया भर में उठने वाली आवाजों और जनआंदोलनों ने साबित कर दिया है कि जुल्म चाहे कितना ही ताकतवर क्यों न हो, एक दिन उसका अंत अवश्य होता है। इन चुनावी नतीजों में भी गाजा पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जनता की नाराजगी का एक महत्वपूर्ण संदेश छिपा हुआ है।
दुनिया का कोई भी देश हो, जो ताकतें धर्म को सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने का हथियार बनाती हैं तथा नफरत और विभाजन की राजनीति करती हैं, उन्हें इन चुनावी नतीजों से सबक लेना चाहिए। इतिहास गवाह है कि अत्याचार और दमन के सहारे चलने वाली सत्ता हमेशा कायम नहीं रहती। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इंसाफ, इंसानियत और सच्चाई की आवाज को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
#ArshadMadani
#JusticeAndHumanity
#StandWithGaza
Maahi retweeted
***पता नहीं कैसी आदत हो गई
तुम्हारी बात हो तो मन नहीं भरता***
***बात हो तो दिल नहीं भरता
Maahi retweeted
गाजा में बारिश की वजह से कई तंबू तबाह हो गए लोग परेशानी में हैं अल्लाह गाजा के मुसलमानों की मदद फरमाए।
Maahi retweeted
Replying to @UNICEF
@UNICEF Please 🙏 Gaza children are freezing in flooded tents, No dry clothes, no food, no shelter,
Please help them urgently.
#SaveGazaChildren #SaveHumanity
#FreePalestine
Maahi retweeted
ऊंची टोपियों वाले,
सदर साहब से क्यों नहीं पूछते
कि आप हज करने गए थे
या रोज़ ऐ रसूल पर कसम खाने गए थे?
Maahi retweeted
जो दिन में 5 बार अल्लाह के बुलावे पर कभी मस्जिद नहीं गया वो 1000 किमी. दूर दरगाह पर जाकर कहता है कि ख़्वाजा ने बुलाया है।
#आदिल
Maahi retweeted
दिल जीत लिया इस Line ने -
कहते हैं प्यार की शुरुआत
आंखों से होती _
यकीन मानो कीमत भी आंखों
को ही चुकानी पड़ती है __
#Happydipawali2026 #हार्दिक_शुभकामनाएं
🎊✨🌷🌹💫⚡
जंगल में शेर
बाकी जानवर ये बनावटी बाते हैं, जब कोई नबी ﷺ पर उंगली उठा दे तो उस शेर का क्या मतलब जो सो रहा हैं
कायर वो है तो वो वार कर रहे हम शेर है तो नींद में क्यों फिर
Replying to @S_Z_72
Jwab samne dene me mza ata hn ye lukachupi me nhi.
Yhn isliye bhok rhe hn wo kayr hn.
Agr jangl me sher so rha ho to baki janwr khud ko sher smjh leta hn.
















