Instagram ने हमारे साप्ताहिक न्यूज़ शो ‘बिहार इस हफ्ते’ के हालिया एपिसोड को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। इस एपिसोड का शीर्षक है: ‘50 लाख बिहारी बाढ़ में… सरकार दीये जलाने में?’ Meta का यह फ़ैसला हमारे जैसे स्वतंत्र पत्रकारिता संस्थानों के लिए घातक है, जो अपने पाठकों और दर्शकों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया पर काफी हद तक निर्भर हैं। जनहित की पत्रकारिता पर इस तरह का प्रतिबंध बेहद चिंताजनक है। हम Meta के इस फ़ैसले की कड़ी निंदा करते हैं और प्रतिबंध तत्काल हटाने की मांग करते हैं।
Instagram has restricted the latest episode of our weekly news show, ‘Bihar Iss Hafte’, in India. The episode is titled: “5 Million Biharis Hit by Floods… While the Government Is Busy Lighting Lamps?” Meta’s decision is deeply damaging for independent news organisations like ours, which rely heavily on social media platforms to reach our readers and viewers. Restricting public-interest journalism in this manner is extremely concerning. We strongly condemn Meta’s decision and demand that the restriction be lifted immediately.
@tnzl_ | @mofussil_scribe | @shahfaisalBR
बिहार के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान का 12 सितंबर, 2026 को दिल्ली के AIIMS में निधन हो गया। वह पूर्णिया ज़िले के अमौर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे। 2015 में बनी महागठबंधन सरकार में उन्हें उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग का मंत्री बनाया गया था।
अब्दुल जलील मस्तान का राजनीतिक सफर करीब चार दशकों का रहा। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राजनीति की शुरुआत की और बाद में कांग्रेस से जुड़ गए। इस दौरान उन्होंने विधानसभा के कई चुनाव लड़े, छह बार अमौर का प्रतिनिधित्व किया और लोकसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाई।
साल 2025 में 'मैं मीडिया' को दिए एक इंटरव्यू में मस्तान ने अपने राजनीतिक सफर के शुरुआती दिनों को याद किया था। उन्होंने बताया था कि 1985 के विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही वह कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर लौटे थे। इसी दौरान समाज के लोगों के दबाव और आग्रह पर उन्होंने चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला किया।
Read here: mainmedia.in/the-political-j…
वायरल जनाज़े वाले गाँव से Ground Report: गर्दन भर पानी पार करना हजारों लोगों की रोज़ की मजबूरी
किशनगंज में गर्दन भर पानी में जनाज़ा ले जाने का वीडियो वायरल हुआ था। सीमांचल के इस गाँव में यह सिर्फ एक दिन की मजबूरी नहीं है—बच्चे, शिक्षक, मज़दूर और ग्रामीण रोज़ इसी तरह नदी पार करते हैं। दशकों से पुल का इंतज़ार कर रहे लोगों की कहानी, ग्राउंड रिपोर्ट में।
4 महीने से रूस में है युवक, लेकिन NEET प्रदर्शन के बाद हुई FIR में नाम
NEET पेपर लीक के विरोध में बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज FIR पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ नामजद लोगों का दावा है कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे—कोई रूस में काम कर रहा था तो कोई D.El.Ed की परीक्षा दे रहा था। देखिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट।
बेटा बोला - पापा पार्टी बदल दीजिए, हमने कर दिया: जन सुराज कार्यकर्ता #BankipurBypoll
#BankipurBypoll : 'डोम जाति में कोई पार्टी टिकट नहीं देता, हम जा रहे केस करने'
बिहार इस हफ्ते #26: Dharmendra Pradhan के इस्तीफ़े से पहले NEET UG 2024 Paper Leak के Mastermind को क्लीनचिट, GenZ प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया एक्शन और सरस्वती विद्या निकेतन विवाद
यूपी में ट्रेन से गिरकर फिर किशनगंज के एक युवक की मौत, परिवार ने जताया हत्या का शक | Ground Report
बिहार के किशनगंज निवासी 26 वर्षीय मोहसिन की उत्तर प्रदेश के हरदोई में ट्रेन से गिरने के बाद मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह महज़ हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। मोहसिन अपने पीछे गर्भवती पत्नी और दो साल की बेटी छोड़ गए हैं। परिजन निष्पक्ष जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उचित मुआवज़े की मांग कर रहे हैं।
बांकीपुर उपचुनाव: 25 उम्मीदवार मैदान में, 8 उम्मीदवार निर्दलीय, मुसलमान कितने?
इस वीडियो में जानिए पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, पटना के दुकानदार बंटी यादव की हत्या की वजह क्या है, ईडी ने 131 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन के मामले में किस कंपनी पर छापामारी की और बिहार सरकार किन जिलों में पत्थर खनन करायेगी।
@mofussil_scribe
जर्जर सड़क बनी जिंदगी पर भारी!
बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कास्त खर्रा गांव (चिल्हनियाँ पंचायत) में ख़स्ताहाल सड़क के चलते बीमार बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को काफ़ी मशक़्क़त करनी पड़ी। पहले कुर्सी को रस्सी से बांधा गया और फिर ग्रामीण कीचड़ भरे रास्तों से कंधों पर उठाकर उन्हें अस्पताल ले गये।
बहादुरगंज विधानसभा / किशनगंज लोकसभा क्षेत्र
रिपोर्ट: अबू फरहान छोटू व विजय कुमार शाह
उर्दू और हिंदी हमारी ज़बान है, संस्कृत-अंग्रेजी बाहर से आई है: डॉ. जावेद, कांग्रेस सांसद
किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने 13 जुलाई को किशनगंज के अंबेडकर टाउन हॉल के समीप कांग्रेस सेवा दल के धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, "उर्दू और हिंदी हमारी ज़बान हैं, जबकि संस्कृत और अंग्रेज़ी बाहर से आई है।"
प्रशांत के एफिडेविट में भारी गलती! पत्नी की चल सम्पत्ति 89 करोड़ या 99 करोड़?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने सोमवार को नामांकन किया। नामांकन के साथ जमा एफिडेविट सामने आते ही उनकी सम्पति की हर जगह चर्चा होने लगी है।
कुछ मीडिया संस्थानों ने उनके परिवार की कुल सम्पति 198 करोड़ रुपये बतायी, तो कुछ ने 208 करोड़ रुपये कहा। तो क्या इसमें गलती मीडिया संस्थानों की है?
नहीं, दरअसल प्रशांत किशोर ने एक ही एफिडेविट में अपनी पत्नी की चल सम्पति की दो अलग-अलग जानकारी दे दी है। एफिडेविट के पेज नंबर 5 से लेकर 8 तक movable assets यानी चल सम्पति का ब्यौरा दिया गया है। पेज नंबर 8 के ऊपर चल सम्पति का Total Value है, जिसमें उनकी पत्नी जाह्नवी दास की कुल चल सम्पति करीब 89 करोड़ रूपये बतायी गयी है। जबकि उसी एफिडेविट के पेज नंबर 18 में जब आप जाते हैं, तो यहाँ ऊपर दी गई तमाम जानकारियों का Abstract यानी सारांश बताया गया है, और यहाँ प्रशांत किशोर ने अपनी पत्नी जाह्नवी दास की कुल चल सम्पति करीब 99 करोड़ रुपये बतायी है। यानी पूरे 10 करोड़ रुपये का फर्क है।
चल सम्पत्ति के ब्योरे को एक-एक कर जोड़ने से पता चलता है कि 99 करोड़ रुपये वाला आकड़ा सही है।
@tnzl_



