Pinned Tweet
बड़ी खबर 🚨
रामपुर जेल से रिहा होते ही ED ने आजम खान को अपने हिरासत में ले लिया है।
ED की टीम आजम खान जी के जेल से बाहर आने के पहले ही रामपुर जेल के बाहर पहुंच चुकी थी और उसी की आशंका भी थी।
14 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी मामले में एक मुकदमा दर्ज किया गया था।
आजम खान- कहने को क्या बचा है, मुसलमान होने की सज़ा है, गलती ये है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई, यही मेरा गुनाह है।
आजम खान साहब को उतना तोड़ा जा रहा है जितना राजनीति के इतिहास में शायद ही किसी को तोड़ा गया हो।
पत्रकार - आजम खान ने जेल से बाहर निकलने के बाद कहा कि हमें मुस्लिम होने और यूनिवर्सिटी बनाने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा?
अखिलेश जी - ये सही बात कही है उन्होंने उसके अलावा भी एक और बात है कि आप भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते।
खबर है कि अखिलेश यादव जी ने आजम खान की इस गिरफ्तारी के बाद अपने विधिक सीनियर एडवोकेट लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं।
जो बात अखिलेश यादव जी ने आजम खान जी से मिलकर आने के बाद बोली थी
आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।
वही बात आजम खान साहब के बेटे अब्दुला आजम खान ने कही है। जो जज्बा अब्दुला ने दिखाया है वो कमाल है।
ऐसी स्थिति में इंसान टूट जाता है लेकिन वो घबराए नहीं उल्टा लोगों का हौंसला बढ़ाते दिखे।
ये अपने नेता आजम खान साहब के प्रति लोगों का प्यार है जो आवेश के रूप में बाहर आ रहा है लोगों में काफी रोष था।
शायद ED को इस बात का बखूबी अंदाजा था इसीलिए वो पैरामिलिट्री फोर्स लेकर आई थी।
आजम खान साहब सिर्फ नेता नहीं हैं बल्कि रामपुर में कई लोग उन्हें आज भी भगवान मानते हैं लाखों लोगों की मदद भी की है वहां आजम खान साहब ने।
एकतरफ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय आजम खान जी अपने बेटे अब्दुला आजम खान के साथ अभी थोड़े देर रिहा होने वाले हैं
दूसरी तरफ लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है लेकिन एक चीज गौर करने वाली है।
बताया जा रहा है कि ED की टीम भी CRPF के जवानों के साथ रामपुर पहुंची हुई है आशंका जताई जा रही है कि
आजम खान से पूछताछ की जा सकती है।
नेहा बोरा जब बोलती है तो सिर्फ सुनने में मजा आता है एक एक लफ़्ज़ स्पष्ट और पूरी भाव भंगिमा के साथ।
नेहा बोरा के अन्दर वो सारी क्वालिटी है जो एक नेता में होती है इन्हें देश की संसद में होना चाहिए।
वहां ये आम लोगों की आवाज बनकर बखूबी से मुद्दे उठा सकती हैं नेहा बोरा जैसे युवाओं की सख्त जरूरत है।
जिस हिसाब से इनकी भाषा है न वो इन्हें किसी भी एंगल से नेता नहीं बना सकता ये विधायकी तो छोड़ो एक प्रधानी का चुनाव नहीं जीत सकते।
इन्हें कांग्रेस ने पता नहीं क्या सोचकर पार्टी में ले लिया वरना इनका न कोई जनाधार है और न ही ये अपने कहने पर 5000 वोट दिलवा पाएंगे।
इन्हें कोई नहीं पूछ रहा था लेकिन कांग्रेस ने हवा दे दी।
अब ये अनाप शनाप बयान देगा इसीलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने साफ साफ इससे किनारा कर लिया क्योंकि ये सब सांप हैं।
आज दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे जी के आवास पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया।
पूर्व स्पीकर मीरा कुमार जी इसकी अध्यक्ष हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनमहाभियोग चलाया जा रहा है जिसमें समाजवादी पार्टी के भी कई सांसद शामिल हुए हैं।
सांसद धर्मेंद्र यादव जी भी उस मॉक पार्लियामेंट का हिस्सा बने हैं इनके अलावा कई अन्य दलों के सांसद भी मौजूद हैं।
आज शाम तक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय आजम खान जी और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान जेल से बाहर आ सकते हैं।
शाम तक वो रामपुर की जेल से रिहा हो जायेंगे।
उनके आने से उन लोगों के मुंह बंद हो जाएंगे जो लगातार उनका नाम लेकर लोगों को बरगलाता था और तरह तरह के प्रयोजन करके उन्हें अपने पाले में लेना चाहता था।
अब उसपर थोड़ी लगाम लगेगी और समाजवादी पार्टी को भी मजबूती मिलेगी।
पीलीभीत में वोटर लिस्ट में दो SDM ऐसे थे जो नई पोस्टिंग पर भेजे गए थे लेकिन विपक्ष इसको लेकर लगातार सवाल पूछ रहा था।
जब विरोध लगातार जारी रहा तो इन दोनों SDM को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया।
ऐसा ही जब इनके हर गलत काम का विरोध होगा तो इन्हें मजबूरन वो अपना फैसला बदलना पड़ेगा क्योंकि ये इतनी आसानी से नहीं सुनने वाले।
आज जब रिपोर्टर ने 1 नवंबर को होने वाली रैली के बारे में पूछा और कहा कि
पत्रकार - भाजपा कह रही है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सिख धर्म के दंगों को कुरेदना चाह रही है?
अखिलेश जी - भारतीय जनता पार्टी नकारात्मक सोचों का दल है ये दरारवादियों का एक गुट है अब ये पार्टी नहीं गैंग बन चुकी है 😀
जब भी कोई रैली या सभा होती है बीजेपी वाले हैरान परेशान हो जाते हैं।
ये व्यक्ति कभी नहीं सुधरेगा।
ओम प्रकाश राजभर उर्फ येलो अंकल ने बेमतलब की बयानबाजी का ठेका ले लिया है और हमेशा ऊटपटांग बयान देते हैं।
अब गोरखपुर AIIMS की कमियां स्वीकार करने के बजाय इन्होंने उसमें भी दूसरा लॉजिक घुसा दिया और डॉक्टर की रिश्तेदारी जोड़ दी।
अजीब बौखलाहट है सिर्फ और सिर्फ अखिलेश जी को लेकर जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही।
एक बहुत बड़ा फेंकू आदमी है सोशल मीडिया पर जो सबसे बड़ा ब्राह्मण विरोधी है वो भी अपना राजनीतिक विश्लेषण करता रहता है।
ये जातियों को टारगेट करते हुए सपा का काम खराब करता है और लोगों को भड़काता है।
वो व्यक्ति समय समय पर अखिलेश यादव जी को भी गलत साबित कर देता है जबकि सामने वही बात बोलने की औकात नहीं है।
जिस दिन अध्यक्ष जी के रडार में आ गए रगड़ दिए जाओगे अपना राजनीतिक विश्लेषण अपने पास रखो किसी को लड़ाने का प्रयास न करो।
समाजवादी पार्टी उन सभी लोगों के साथ है जो लोग भाजपा से पीड़ित हैं और जो पीड़ित हैं वही PDA है।
सिर्फ आगे पीछे घूमने से सबकुछ ठीक नहीं हो जाता है।😀
पूरा प्रदेश समझ गया है कि भाजपा में किस कदर अंदरूनी कलह बढ़ी हुई है दो गुट कल एकदम साफ नजर आए हैं।
अब भाजपा इसको लेकर चाहे जितनी सफाई दे लेकिन फर्क साफ दिख रहा है कि किस तरह से साइडलाइन किया गया है।
ये है योगी सरकार की असली हकीकत जहां पर AIIMS गोरखपुर की निदेशक डॉ विभा दत्ता को ही सुविधाएं नहीं मिली।
सुविधाएं मिलेगी भी कैसे जब होगी तब न।
एम्स गोरखपुर की निदेशक डॉ विभा दत्ता अचानक से बेहोश हो जाती हैं उन्हें AIIMS गोरखपुर लाया गया जब शुरुआती जांच हुई तो सब सही पाया गया
लेकिन डॉक्टरों ने हार्ट सम्बन्धी जांच के लिए उन्हें निजी अस्पताल भेज दिया जहां पर अभी एडमिट हैं और इलाज चल रहा।
काहे का एम्स जहां पर लोगों को सुविधाएं ही न मिले और उसे आनन फानन में किसी निजी अस्पताल में भागना पड़ जाए।
न तो राम मूर्ति यादव नाम का कोई व्यक्ति फर्रुखाबाद के संगठन में है और न ही ये पोस्टर असली है।
ये पोस्टर भाजपाइयों की एक चाल है AI के द्वारा कूटरचित किया गया है। लेकिन ये भाजपाई भूल गए हैं कि अखिलेश यादव जी और शिवपाल यादव जी दोनों लोगों को लड़ाना नामुमकिन है।
इस तस्वीर को आप गौर से देखेंगे तो इसमें अखिलेश यादव जी को जगह नहीं दी गई है और यही फर्जी होने का सबसे बड़ा प्रमाण है।
ये वैमनस्यता फैलाने और फूट दिखाने का एक प्रयोजन है।
समाजवादी पार्टी के सभी चाहने वाले इस बात को बखूबी समझते हैं ये भाजपाई MLC चुनाव में चाचा और भतीजा की जुगलबंदी देखकर डरे सहमे हुए हैं।
एक सच्चा नेता वही है जो अपनी जनता को दूर से भी पहचान ले।
माननीय सांसद धर्मेंद्र यादव जी जब दिल्ली में थे तो वहां मल्लिकार्जुन खड़गे जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाहर कुछ लोग खड़े थे
जो शायद टेंट वगैरह का काम देखते थे वहां पर लोग जब धर्मेंद्र यादव जी से बात करने लगे तो वो सबको पहचान गए कि ये लोग बदायूं के हैं।
बदायूं जहां से धर्मेंद्र जी सांसद हुआ करते थे यही फायदा होता है जब आप लोग के बीच लोकप्रिय होने के साथ जनप्रिय हों।❤️🫡
राहुल गांधी जी के साथ लोगों को संबोधित करते हुए जब सांसद धर्मेंद्र यादव जी उत्तर प्रदेश चुनाव के परिणाम की बात कर रहे थे
तो भाजपा की बड़ी हार पर राहुल गांधी जी भी मुस्कुराते नजर आए। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ होने वाले कार्यक्रम को टाल दिया गया है
धर्मेंद्र यादव जी ने ये भी कहा कि जब 1 नवंबर को हम रामलीला मैदान में होंगे तो राहुल जी के साथ हमारे नेता आदरणीय अखिलेश यादव जी भी होंगे।
पत्रकार - क्या स्वामी प्रसाद मौर्य महागठबंधन में शामिल हो चुके हैं?
अखिलेश यादव - वो हमारे गठबंधन में नहीं शामिल होंगे।
अखिलेश यादव जी ने एकदम स्पष्ट लहजे में ये कह दिया है कि इन सब फालतू की चीजों पर समय न बर्बाद करें।
ऐसे लोग हमारे स्टेट के गठबंधन में नहीं शामिल हो सकते हैं।



