सुहानी तिवारी retweeted
नेहरू जी पढ़े लिखे थे और पढ़ाई लिखाई व काबिलियत को महत्व देते थे उनको पता था कि आरक्षण से देश बरबाद होगा और देश का विकास नही होगा " वो तुम्हारी तरह नीच और जातिवादी नही थे ।
जो सिर्फ अपनी जातियों का उत्थान करने के लिए बाकी जातियों के साथ अन्याय और जुल्म करे!
नेहरू जी पढ़े लिखे थे और पढ़ाई लिखाई व काबिलियत को महत्व देते थे उनको पता था कि आरक्षण से देश बरबाद होगा और देश का विकास नही होगा " वो तुम्हारी तरह नीच और जातिवादी नही थे ।
जो सिर्फ अपनी जातियों का उत्थान करने के लिए बाकी जातियों के साथ अन्याय और जुल्म करे!
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कृष्ण के हवाले ये हृदय है मेरा,
कृष्ण के अलावा कुछ नहीं है मेरा....!!
मेरो श्याम ❤
सुहानी तिवारी retweeted
जो बात पिछले दिनों बागेश्वर बाबा ने कही, उसे दशक पहले दिवंगत हो चुके रामायण के भजनों को सुर और स्वर देने वाले स्वर्गीय श्रीरवीन्द्र जैन जी कह चुके हैं।
बांसुरी बजाने के समय की उनकी मुद्रा जिसमें शरीर तीन जगह से टेढ़ा लगता है के कारण उनका एक नाम त्रिभंग भी है।
सुहानी तिवारी retweeted
मोदी ने जितना पैसा अंबेडकर की मूर्तियों और एससी एसटी एक्ट के मुआवजे पर खर्च किया है उतने में कई
स्कूल " कॉलेज और हॉस्पिटल बन जाते
लेकिन अनपढ़ राजा को शिक्षा से क्या मतलब!!
सुहानी तिवारी retweeted
ये जितने भी निलचट्टे संविधान के भक्त बने घूम रहे है न बस उस संविधान में से आरक्षण हटा दिया जाए तो ये निलचट्टे खुद ही कल से रोड पर संविधान को जलाने लगेंगे क्योंकि इन्हें प्यार संविधान से नहीं सिर्फ आरक्षण से है ।।
सुहानी तिवारी retweeted
जिन निलचट्टों के लिए महामानव ने सवर्णों से गद्दारी की वो निलचट्टे भी साहब को गरिया रहे हैं 😂
वो एक कहावत है ना
धोबी का ....., घर का ना घाट का 😁
सुहानी तिवारी retweeted
दिन रात देवी देवताओं को गालियाँ और उनका अपमान करने वाले महिषासुर को अपना बाप बनाने वाले यदमुल्ले और निलचट्टे आज प्रभु श्री कृष्ण के वंशज बन रहे हैं।
सुहानी तिवारी retweeted
आज जो ये समाजवादी पार्टी के यदमुल्ले श्रीकृष्ण को अपने भगवान् बोलकर घाघरा उठाकर नाच रहे हैं
वो तब कहाँ थे जब कुछ दिन पहले इन्हीं की पार्टी का आदमी राजकुमार भाटी ने राम कृष्ण को काल्पनिक बताते हुए उन्हें भगवान् ना मानने की कसम खाई थी!
तब कृष्ण का अपमान नही हुआ था क्या??
सुहानी तिवारी retweeted
आपने नोटिस किया होगा ये भीम आर्मी और नीले कबूतरों की पैदाइश मोदी के आने के बाद हुई है
कांग्रेस सरकार में इन लोगों की औकात नही थी कि किसी भी हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक शब्द भी बोल दें"
पर कोई बात नहीं.. जब तक मोदी है तब तक उड़ने दो
कांग्रेस के आते ही इनके पंख कुतर देगी वो,!
जो बात पिछले दिनों बागेश्वर बाबा ने कही, उसे दशक पहले दिवंगत हो चुके रामायण के भजनों को सुर और स्वर देने वाले स्वर्गीय श्रीरवीन्द्र जैन जी कह चुके हैं।
बांसुरी बजाने के समय की उनकी मुद्रा जिसमें शरीर तीन जगह से टेढ़ा लगता है के कारण उनका एक नाम त्रिभंग भी है।
मोदी ने जितना पैसा अंबेडकर की मूर्तियों और एससी एसटी एक्ट के मुआवजे पर खर्च किया है उतने में कई
स्कूल " कॉलेज और हॉस्पिटल बन जाते
लेकिन अनपढ़ राजा को शिक्षा से क्या मतलब!!
ये जितने भी निलचट्टे संविधान के भक्त बने घूम रहे है न बस उस संविधान में से आरक्षण हटा दिया जाए तो ये निलचट्टे खुद ही कल से रोड पर संविधान को जलाने लगेंगे क्योंकि इन्हें प्यार संविधान से नहीं सिर्फ आरक्षण से है ।।
जिन निलचट्टों के लिए महामानव ने सवर्णों से गद्दारी की वो निलचट्टे भी साहब को गरिया रहे हैं 😂
वो एक कहावत है ना
धोबी का ....., घर का ना घाट का 😁
दिन रात देवी देवताओं को गालियाँ और उनका अपमान करने वाले महिषासुर को अपना बाप बनाने वाले यदमुल्ले और निलचट्टे आज प्रभु श्री कृष्ण के वंशज बन रहे हैं।
आज जो ये समाजवादी पार्टी के यदमुल्ले श्रीकृष्ण को अपने भगवान् बोलकर घाघरा उठाकर नाच रहे हैं
वो तब कहाँ थे जब कुछ दिन पहले इन्हीं की पार्टी का आदमी राजकुमार भाटी ने राम कृष्ण को काल्पनिक बताते हुए उन्हें भगवान् ना मानने की कसम खाई थी!
तब कृष्ण का अपमान नही हुआ था क्या??
आपने नोटिस किया होगा ये भीम आर्मी और नीले कबूतरों की पैदाइश मोदी के आने के बाद हुई है
कांग्रेस सरकार में इन लोगों की औकात नही थी कि किसी भी हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक शब्द भी बोल दें"
पर कोई बात नहीं.. जब तक मोदी है तब तक उड़ने दो
कांग्रेस के आते ही इनके पंख कुतर देगी वो,!
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भाजपा दिल्ली के ऑफिस में कुरान पढ़ी जा रही है, और इनके अंधभक्त व चाटुकार दूसरों को हिंदुत्व सिखा रहे है।


