aajtak.in/uttar-pradesh/stor… ब्लिंकिट या ज़ेप्टो पर तो ज़िंदा ज़हरीले साँपों कि स्टॉक है नहीं
आलोक कुमार retweeted
बैंक वाले रोज लोन देने के लिए इतने फोन करते हैं कि अब तो ऐसा लगने लगा है कि,कहीं घर का गेट खुला रह गया तो ये लोग पैसे फेंक कर ना चले जाएं 🙄
कलकत्ते में कई बार चाय वालों से पूछा कि कुल्हड़ कहाँ से मिलेंगे, जवाब हमेशा यही आया कि हमें तो पता नहीं, यहाँ पर कोई देने आता है।
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आज का गलाटा, शुक्र है दोनो गलाटक (शब्द?) एक ही भाषा में गलाट रहे हैं इसलिए कोई राष्ट्रीय या इलाकाई मसला नहीं है, राहत की साँस
सोना मत खरीदो, सादी रोटी खाओ और घर पर सोते रहो
कौन सा वाला? सात दिन के भीतर ठप्पा लगाएँ। कोई और विकल्प हो तो अलग से बताएँ।
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