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ईश्वर ने हमारे परिवार को एक बेहद पवित्र कार्य के लिये चुना जिसके फलस्वरूप अपने गाँव में
माँ भगवती के मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न कराने में हम लोग सक्षम हुए।
इस नेक कार्य में हर ग्रामीण का सहयोग भी हमें मिलता रहा।
आप सबों को दुर्गापूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म,
दीपो ज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं,
दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥
दीप की ज्योति परम ब्रह्म का स्वरूप है,
दीप की ज्योति ही जनार्दन (विष्णु) का प्रतीक है,
यह दीप हमारे पापों, अज्ञान और जीवन के अंधकार को दूर करे।
हे प्रकाशस्वरूप, आपको मेरा सादर नमन है ।।।
दीपोत्सव की मंगलमय शुभकामनाएँ
🪔🪔🪔
पटाखे जलाने से पहले जान लें ये बातें:
पटाखे जलाने की सावधानियाँ:-
सिर्फ अधिकृत, सही लेबल और वैध पटाखे खरीदें।
बच्चों को कभी अकेले पटाखा न दें. हमेशा वयस्क की निगरानी में रखें ।
सूखे, खुल्ले और समतल स्थान पर ही पटाखे जलाएँ।भीड़-भाड़ और ज्वलनशील सामान से दूर रहें।
हमेशा एक लंबी माचिस की सहायता लें । हाथ और चेहरे को पटाखे से दूर रखें।
एक-एक करके जलाएँ; कई पटाखे हाथ में लेकर न जलाएँ।
जले हुए पटाखे को कभी हाथ से पुनः जलाने की कोशिश न करें ।
10–15 मिनट के बाद ऐसे पटाखों पर पानी डालकर सुरक्षित करें।
अल्कोहल या नशे की स्थिति में पटाखे न जलाएँ।
पास में बाल्टी में पानी, रेत या अग्नि बुझाने वाला यन्त्र और प्राथमिक उपचार किट रखें।
कपड़े सूखे और न ज्यादा ढीले हों; चेहरे पर कपड़ा न ढकें।
पैकिंग पर लिखे निर्देश पढ़ें और पालन करें।
स्थानीय कानूनों का सम्मान करें।
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अगर कपड़े या हाथ में आग लग जाए तो क्या करें
अगर कपड़े में आग लग जाए तो
Stop, Drop & Roll करें ।
अर्थात् जहाँ हैं वहीं रुकें,
नीचे गिरें और
आग को बुझाने के लिए सरकें/लपेटें (मुँह बंद रखें)।
कपड़ों से आग बुझने पर तुरंत ठंडे (सीधे) बहते पानी में जले हुए हिस्से को कम-से-कम 20 मिनट तक रखें। (आइस का सीधे उपयोग न करें)।
जलने वाले हिस्से की गंदी चीज़ें या कोई ornament (जैसे गहने) अगर है तो तुरंत हटाएँ।
पर यदि वो निकल नहीं रहा या फँसी हों तो डॉक्टर से कराए।
गीला, साफ कपड़ा से हल्का कवर कर दें; त्वचा पर तेल, मंजन, बख्तर या मक्खन न लगाएँ।
Blister (फफोले) यदि हो जाये तो उसे छेदें या फोड़ें नहीं।
अगर जलन गहरी हो, या पतला/भूरा काला हिस्सा (तिक्त त्वचा) दिखे, दर्द बहुत अधिक हो, साँस लेने में दिक्कत हो, या चेहरा/आँख/जननांग जले हों तो तुरंत नज़दीकी अस्पताल पर जाएँ।
अगर आँख में आग/जलन या रसायन चला जाए
आँख को पानी (साफ नल का पानी) से लगातार 15–20 मिनट धोएँ।
आँख को रगड़ना नहीं है ।
दोनों पलकों को खोलकर फ्लश करें; यदि लेंस हो तो निकालें, पर अत्यधिक दर्द हो तो डॉक्टर से कराएँ।
कुछ भी जैसे तेल या मक्खन ना डालें।
आँख पर हल्का कवर रखें (साफ कपड़ा) और तुरंत आँखों के डॉक्टर से संपर्क करें ।
गंभीर जलन में आँख का सर्वेक्षण ज़रूरी है।
अगर रासायनिक पाउडर/रस त्वचा या आँख पर गिरा हो तो बहुत ज़्यादा पानी से धोएँ (कम-से-कम 20–30 मिनट) और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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घरेलू प्राथमिक उपचार किट में होने वाली चीज़ें
स्टेराइल गॉज़/ड्रेसिंग, साफ कपड़े, बैंडेज, दर्द की गोली, डिस्पोज़ेबल ग्लव्स, Silver sulfadiazine cream. (ये क्रीम जले हुए जगह पर लगा सकते हैं)
आपातकालीन नंबर (भारत)
112 (इमरजेंसी), 108 (एम्बुलेंस)।
महत्त्वपूर्ण: ये प्राथमिक उपचार हैं ।
गंभीर जलन/आँख की चोट/बड़े क्षेत्र पर जलन होने पर तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
।।। आपकी दीपावली शुभ और सुरक्षित हो ।।।
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पिछले कुछ दिनों से @deepigoyal जी की कंपनी द्वारा विकसित Temple Device की काफी चर्चा हो रही है।
इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।
क्या ये वास्तव में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को माप सकता है?
क्या इससे स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा पहले से पता चल सकता है?
और क्या इसे पहनने से आम व्यक्ति को कोई वास्तविक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा?
इसके तीन पहलुओं से समझना जरूरी है।
निर्माता के दावे, वैज्ञानिक प्रमाण और आम उपभोक्ता के लिए इसकी उपयोगिता।
पहले निर्माता कंपनी के दावे पर आते है
Temple एक wearable device है, जिसे सिर के कनपटी(Temple) वाले हिस्से में पहना जाता है। इसमें optical sensing technology का इस्तेमाल किया गया है।
निर्माता के अनुसार यह मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों (BrainFlow) को मॉनिटर कर सकता है, शरीर की physiological response को समझने में मदद कर सकता है, Biological Entropy नामक स्कोर के माध्यम से शरीर की physiological स्थिति का आकलन कर सकता है और शारीरिक गतिविधि, तनाव एवं रिकवरी से जुड़े बदलावों की जानकारी दे सकता है।
इसका उद्देश्य व्यक्ति को अपने शरीर और मस्तिष्क से जुड़े कुछ physiological बदलावों को लगातार ट्रैक करने की सुविधा देना है।
अब समझते हैं की वैज्ञानिक प्रमाण क्या कहते हैं?
कनपटी के पास optical sensors से मिलने वाले संकेतों को मापना और मस्तिष्क के भीतर वास्तविक रक्त प्रवाह (Cerebral Blood Flow) को मापना दो अलग-अलग बातें हैं।
Scalp और मस्तिष्क के रक्त प्रवाह के संकेतों को अलग अलग समझना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है।
अभी तक के उपलब्ध शुरुआती शोध में वैसे कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले है लेकिन ये काफ़ी छोटे स्तर पर किए गए हैं ।
एक अध्ययन में 23 स्वस्थ वयस्कों में Temple के BrainFlow Index की तुलना Transcranial Doppler से की गई। इसमें कुछ physiological changes के साथ संबंध देखने को मिला।
दूसरे अध्ययन में 44 स्वस्थ युवा पुरुषों में Temple के measurements की तुलना advanced NIRS technology से की गई। इसमें भी कुछ मापों के बीच correlation देखा गया।
हालांकि ये काफ़ी शुरुआती शोध हैं और इन्हें बड़े स्तर के peer-reviewed clinical trials के बराबर नहीं माना जा सकता।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी स्थापित तकनीक से correlation मिलना अपने आप में किसी बीमारी की पहचान करने की क्षमता साबित नहीं करता।
अभी इसकी diagnostic accuracy, अलग-अलग आयु वर्गों में reliability और वास्तविक clinical utility स्थापित होना बाकी है।
एक महत्वपूर्ण सवाल की क्या यह स्ट्रोक का खतरा बता सकता है?
फिलहाल इसका कोई पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
स्ट्रोक का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे की
High Blood Pressure
Diabetes
High Cholesterol
Smoking
Heart Disease
स्ट्रोक की भविष्यवाणी केवल मस्तिष्क में रक्त प्रवाह के एक संकेत को देखकर नहीं की जा सकती।
इसलिए Temple को फिलहाल Stroke Predictor या Stroke Screening Device मानना उचित नहीं होगा।
आम व्यक्ति को इसे पहनने से क्या फायदा हो सकता है?
मान लीजिए आप रोज सुबह व्यायाम करते हैं। Temple Device आपको व्यायाम के दौरान और आराम की स्थिति में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े आंकड़ों में होने वाले बदलाव को दिखा सकता है।
इसी तरह, अलग-अलग परिस्थितियों में आपके शरीर की प्रतिक्रिया से जुड़े कुछ आंकड़े मिल सकते हैं।
यानी फिलहाल इसका फायदा शरीर से जुड़े कुछ अतिरिक्त आंकड़े जानना है, न कि किसी बीमारी का पता लगाना या उससे बचाव करना।
क्या इसे खरीदना चाहिए?
मेरी समझ में ये फ़िलहाल के लिए उनके लिए ठीक है जो किसी नई तकनीक का अनुभव लेना चाहते हैं ।
अगर आप इसे इस उम्मीद से खरीद रहे हैं कि यह बताएगा कि आपको स्ट्रोक का खतरा है या नहीं, आपका दिमाग कितना स्वस्थ है या भविष्य में कोई neurological बीमारी होने वाली है या नहीं, तो फिलहाल इसे खरीदने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि किसी physiological parameter को माप पाना और उस measurement के आधार पर बीमारी का निदान या भविष्यवाणी कर पाना, चिकित्सा विज्ञान में दो बिल्कुल अलग उपलब्धियां हैं।
अगर आप अपने Brain health को बेहतर बनाना चाहते हैं तो नियमित BP monitoring, diabetes और cholesterol नियंत्रण, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार कहीं अधिक स्थापित और प्रमाणित उपाय हैं।
बाजार में ऐसे सप्लीमेंट्स की भरमार है जिसका प्रचार बड़े बड़े सेलिब्रिटी करते रहते हैं ।
दावा यह रहता है की ऐसे सप्लीमेंट्स आपके शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करता है ।
ऐसे विज्ञापनों को देख कर अक्सर लोग बिना किसी विशेष आवश्यकता के मल्टीविटामिन, प्रोटीन पाउडर और तरह-तरह के सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं।
लेकिन क्या एक सामान्य व्यक्ति को ऐसे किसी भी सप्लीमेंट्स की ज़रूरत है?
जवाब है नहीं ।
वास्तविकता यह है कि यदि आपका खानपान संतुलित और विविधतापूर्ण है, तो शरीर की अधिकांश पोषण संबंधी आवश्यकताएँ भोजन से ही पूरी हो सकती हैं।
अब एक उदाहरण से समझते हैं कि एक दिन का संतुलित आहार कैसा हो सकता है।
ब्रेकफास्ट (सुबह 8-9 बजे)
एक प्लेट वेजिटेबल पोहा या उपमा
2 उबले अंडे (शाकाहारी विकल्प: पनीर)
एक मौसमी फल
एक गिलास दूध
लंच (दोपहर 1- 2 बजे)
2 रोटी या एक कटोरी चावल
एक कटोरी दाल
एक कटोरी मौसमी सब्जी
एक कटोरी दही
सलाद
इवनिंग स्नैक (शाम 5 बजे)
एक मुट्ठी भुना चना
5–6 बादाम
एक मौसमी फल
डिनर (रात 8-9 बजे)
2 रोटी
एक कटोरी पनीर की सब्जी या चिकन
हरी सब्जियाँ
सलाद
इस भोजन से आपको क्या मिलेगा?
Protein: दाल, अंडा, दूध, पनीर
Calcium: दूध और दही
Iron: दालें और हरी सब्जियाँ
Vitamin C: मौसमी फल और सब्जियाँ
Vitamin B12: अंडा, दूध और चिकन
Healthy Fats: बादाम और अन्य मेवे
Dietary Fibre: फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज
फिर क्या आपको सप्लीमेंट्स की जरूरत है?
बिलकुल भी नहीं।
हालाँकि, Vitamin B12, Vitamin D, Iron और अन्य पोषक तत्वों की कमी होने पर चिकित्सकीय सलाह के बाद ही सप्लीमेंट लें ।
याद रखें,
सप्लीमेंट्स अच्छे भोजन का विकल्प नहीं है।
शरीर को पोषण देने का और स्वस्थ रखने का सबसे बेहतर तरीका विविधतापूर्ण और संतुलित भोजन है।
पंचकुला से आ रही वीडियो काफ़ी दुखद और दर्दनाक है ।
ईश्वर करें की वो बच्ची स्वस्थ्य हो जाए ।
लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल बच्चों में बढ़ रही हिंसात्मक प्रवृति का है ।
नियमित तौर पर स्कूलों में मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य कार्यक्रम होना चाहिए ।
और याद रखें अगर आपको या आपके मित्र अथवा रिश्तेदार को काफ़ी ग़ुस्सा आता है, इतना कि वो सामने रखी चीजों को तोड़ दे या वो हिंसक हो जाये,
या
अगर आपका कोई दोस्त ऐसा है जो आप एक बार फ़ोन नहीं उठाते हैं तो सैकड़ों फ़ोन करता या अगर आप ऐसे करते हैं।
या
अगर आपको या आपके किसी दोस्त को self harm की tendency है।
तो ये सब सामान्य नहीं है।
तुरंत मनोवैज्ञानिक सलाह लेने को कहें।
दवाईयों की कीमत पर capping ना करने का कोई कारण वैध नहीं है ।
यह कहना की अस्पताल के इन्फ्रास्ट्रक्टर का खर्च दवाइयों के मार्जिन से निकलेगा ये उचित नहीं ।
अस्पताल अगर कुछ सुविधा दे रही है तो उस सुविधा के नाम पर transparent तरीके से मरीज से पैसा ले । उसे दवाइयों के मार्जिन के ज़रिए लेने का कोई औचित्य नहीं ।
दवाईयों पे बेतरतीब मार्जिन ना सिर्फ मरीज के जेब पर भारी पड़ती है बल्कि overprescription की संभावना को भी बढ़ाता है अर्थात इसका भी डर है की जो दवाइयों नहीं चलनी चाहिए उसे भी अधिक मार्जिन के चक्कर में मरीज को लिख ना दिया जाए ।
रिसर्च प्रमोट करने के लिए, दवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जो भी खर्च है या सब्सिडी है वो सरकार दे, उसका मूल्य दवा कंपनी ले लेकिन ग़ैर वाजिब मार्जिन जो सिर्फ कमीशन को बढ़ावा दे वो कैंसर की ही नहीं बल्कि किसी भी तरह की दवा पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए ।
अगर हम ‘चक्का जाम’ कर दें ख़ासकर चिकन नेक (Siliguri Corridor) तो भारत असम से कट जाएगा।
:शरजील इमाम
अगर भारत के किसी भी व्यक्ति के मन में ऐसा ख़याल है तो उस व्यक्ति को और उससे सहानुभूति रखने वाले हर एक व्यक्ति की जगह सिर्फ़ जेल है ।
Dr Anuj Kumar retweeted
•अफजल गुरु की फाँसी का विरोध करने वाला देश विरोधी है
•कश्मीर को देश से अलग करने वाली सोंच देश विरोधी है
•कश्मीर को भारत का हिस्सा न मानने वाला देश विरोधी है
•देश के संविधान को न मानने वाला देश विरोधी है
•इन सभी बातों या इनमें से कुछ एक बात करने वाले को देश में रहने का अधिकार नहीं, इन लोगों को if या बट लगाकर सपोर्ट करने वालों पर भरोसा करने से पहले दस बार सोंचे,
देश के खिलाफ, संविधान के खिलाफ जो भी है वो देशद्रोही है 🇮🇳❤️
परित्राणाय साधूनां
विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय
सम्भवामि युगे युगे
🚩🚩🚩
शुभ विजयादशमी
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कृपया संपर्क सूत्र साझा करें ।
कल मैं वीडियो कॉल के ज़रिए मरीज को निःशुल्क देख लूँगा ।
अभी बुख़ारों का मौसम चल रहा है।
कई बार बुख़ार आते ही लोग घबरा कर ख़ुद से तरह तरह के जाँच करा लेते हैं जिससे बेवजह पैसे की बर्बादी होती है।
ज़्यादातर मौसमी बुख़ार ख़ुद से ही 2-3 दिनों में ठीक हो जाते हैं।
क्या करें अगर बुख़ार आए
1) ज़्यादा से ज़्यादा आराम करें
2) बुख़ार आने पर पैरासिटमोल की गोली लें
3) ज़्यादा से ज़्यादा पेय पदार्थ लें
4) सुपाच्य भोजन लें।
ये एक ग़लत अवधारणा है की बुख़ार में चावल या अंडा नहीं ख़ाना चाहिये। आप बिलकुल ले सकते हैं।
5) पीने का पानी उबाल कर फिर ठंढा कर के पियें।
6) गरम पानी में नमक डाल कर gargle करें
7) ORS घोल का उपयोग करें
❌कब हो जायें सतर्क और तुरंत लें चिकित्सकीय परामर्श ?❌
1) अगर आप पहले से ही अन्य बीमारी से ग्रसित हैं
2) अगर दवाई से भी बुख़ार कम ना हो या 3 दिनों के बाद भी बुख़ार आये
3) बुख़ार के साथ साथ पेट दर्द, डायरिया जैसे लक्षण हों
4) शरीर पे लाल धब्बे जैसे निशान आ जाएँ।
ऐसी परिस्थिति में अपने नज़दीकी चिकित्सक से मिल कर दिखाएं।
आएगा गुफ्तगू का सलीका तो कम से कम,
शायर बहुत ज़रूरी है एक खानदान में….
तो आपने अगर अपने भीतर कोई शायर या फ़नकार छुपा रखा है और उसे मंच देना चाहते हैं तो स्वागत है आपका 24 अक्टूबर को गुरुग्राम (सेक्टर 27) स्थित
One Door Down में जहाँ ओपन माइक का आयोजन किया जा रहा है ।
रजिट्रेशन लिंक कमेंट बॉक्स में दिया गया है ।
आपने जो रिपोर्ट साझा की है उस अनुसार गॉल ब्लैडर में स्टोन है जो की पेट दर्द का कारण हो सकता है ।
चूँकि दर्द काफ़ी तेज है, आपको एक general surgeon से तुरंत मिलना चाहिए ।
गॉल ब्लैडर स्टोन के लिए सामान्यतः सर्जरी की ज़रूरत होती है ।
अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो निशुल्क सर्जरी की व्यवस्था हो जाएगी ।
Dear Prime Minister Ambani,
Please accept my humble apologies for not realizing that you are the real boss of India.
Naturally, you would prefer to maintain your monopolistic exploitation of the great people of India, but would you nonetheless consider allowing Starlink to compete?
There are many areas of India, as there are in all countries, with no Internet access, which denies children the opportunity for education and for small businesses the opportunity to sell their goods to a global market. Starlink would change their lives for the better.
Thank you 🙏
अब चूँकि अंबानी और अड़ानी पर ही बात हो रही है तो एक पुरानी पोस्ट:-
“ बात इसपे होनी चाहिए कि कैसे देश में और अंबानी और अड़ानी जैसों की संख्या बढ़े।
भारत जैसे देश में कम से कम 20 रिलायंस और अड़ानी जैसी कंपनी होनी चाहिए।”
पूरी पोस्ट नीचे है:-
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सरकारें ऐसे व्यवसायिक घरानों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से फ़ायदा पहुँचाती है।
कौन सी ऐसी सरकार है जो अंबानी, अड़ानी, टाटा से चंदा नहीं लेती होगी?
भाजपा से इनकी करीबी जग ज़ाहिर है।
अभी एक तस्वीर आई थी कांग्रेस सरकार के किसी मुख्यमंत्री की अड़ानी जी के साथ।
लेकिन प्रैक्टिकली सोचना होगा।
इतने बड़े प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाएगा कौन?
ठीक है रिलायंस ना करे, अड़ानी ना करे।
तो करेगा कौन? सरकार के पास ऑप्शन क्या है? इतनी बड़ी cash rich कंपनी कौन कौन है?
सरकार के पास ले दे के यही 3-4 कंपनियों हैं जिसको वो फेवर करेंगी।
और अगले 10 साल तक शायद ही इतनी बड़ी कंपनी खड़ी होगी।
एक दिन में रिलायंस और अड़ानी पॉवर नहीं खड़ा हुआ है। दशकों लगे हैं।
बात इसपे होनी चाहिए कि कैसे देश में और अंबानी और अड़ानी जैसों की संख्या बढ़े।
भारत जैसे देश में कम से कम 20 रिलायंस और अड़ानी जैसी कंपनी होनी चाहिए।
और सरकार भी यही चाहती है।
यही कारण है सरकार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देती हैं। आज कोई स्टार्टअप अच्छा चलेगा तब जा कर आज से 20-25 सालों बाद एक नया रिलायंस खड़ा होगा।
सारी सरकारों को सोचना चाहिए कि कैसे उनके यहाँ नयी इंडस्ट्री लगे। हर सरकार के पास मौक़ा है नया रिलायंस खड़ा करने का।
और जब तक नयी नहीं खड़ी होगी तब तक मजबूरी है सरकार की इन्हें फेवर करना।
Dr Anuj Kumar retweeted
This will get lost in the headlines, but is HUGE for cancer families.
BIG relief: Govt caps margins on non-scheduled anti-cancer drugs at 30%. Mark-ups currently average 170% and can cross 700%. Prices could fall up to 70%. Most welcome step.
🤖 Made with AI
कई लोगों को लग रहा की Starlink आने से फ़ोन का रिचार्ज डेटा सस्ता हो जाएगा ।
Starlink एक ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस है जैसे Jio fiber है । फ़र्क़ ये है की Jio fiber में तार बिछानी पड़ती है और Starlink को इंटरनेट अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से मिलती है ।
फ़िलहाल भारतीय बाज़ार में अकेले Reliance ही नहीं है। Airtel, BSNL, Tata play, Excitel भी मौजूद हैं ।
Jio और एयरटेल दोनों के लगभग बराबर ग्राहक हैं ।
Jio के लगभग 1.481 करोड़ और Airtel के 1.144 करोड़ l
Starlink से जो फायदा होगा वो cost का नहीं होगा।
वो होगा तेज इंटरनेट और दूर दराज़ के गाँव और पहाड़ी क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा ।
भारत ने अभी जो starlink को liscence देने में देरी की है वो सुरक्षा कारणों से की है । और क्या है वो सुरक्षा कारण?
सरकार चाहती है कि भारतीय एजेंसियाँ जरूरत पड़ने पर इंटरनेट ट्रैफिक की निगरानी कर सकें और कानूनी आदेश पर किसी क्षेत्र या ग्राहक की सेवा बंद करवा सके । लेकिन ये सैटेलाइट इंटरनेट होने के कारण एक जटिल प्रक्रिया है ।
इतना ही नहीं Jio और Airtel से जुड़ी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएँ भी इसी सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया में रुकी हुई हैं।
एक नागरिक के तौर पर पहला सवाल सरकार से यही होना चाहिए की BSNL क्यों नहीं सैटेलाइट internet शुरू कर रहा और BSNL की इंटरनेट सेवा बेहतर क्यों नहीं हो रही ।
और अगर प्राइवेट कंपनी ही करेगी तब तो भारत की ही कंपनी करे और उसे ही प्राथमिकता मिले ये सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए ।
ये क्या बात हुई की अंबानी को पूँजीवादी बोल कर गाली दे रहे रहे और elon musk को बुला रहे।
Dr Anuj Kumar retweeted
🇮🇳 भारत अपना बाजार अमेरिकी हाथों में गिरवी नहीं रख सकता, अमेरिकी कभी भी किसी के सगे नहीं रहे.
⚡पाकिस्तानियों को सिर्फ इस्तेमाल करते है, उनके भी सगे नहीं है वरना इमरान खान का तख्ता क्यों पलटते
⚡मनमाफिक डील चाहते हैं, भारत नहीं दे रहा, पहले टैरिफ से दबाव बनाया और अब सीधे भारत के सबसे बड़े सेक्टर IT सेक्टर पर हमला बोला गया है।
⚡दूसरी तरफ से हमला ऐलन मस्क ने बोला है जिसे भारतीय टेलकॉम बाजार में घुसपैठ का मौका नहीं मिल रहा।
⚡स्टारलिंक को न चीन ने घुसने दिया और न रूस ने और ना हीं ईरान ने, इसके अपने स्ट्रेटजिक कारण है, ये स्टालिंक सऊदी या फिर पाकिस्तान में भी नहीं है।
❓हम अपने घर के मसले घर में निपट लें तो बेहतर है, सरकारें आएंगी जाएंगी लेकिन विदेशी उपनिवेशवाद किसी भी शक्ल या सूरत में नहीं आनी चाहिए।
🚨 अमेरिका का H-1B और ग्रीन कार्ड सिस्टम पर बड़ा एक्शन, भारत पर होगा बड़ा असर !
अमेरिकी सरकार ने ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप से जुड़े Permanent Labor Certification (PERM) Program से कई बड़ी IT कंपनियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित कंपनियों में Tata, Infosys, Wipro, HCL, Cognizant और Capgemini शामिल हैं।
इसके अलावा Microsoft और Adobe के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी श्रम विभाग ने कथित वीजा दुरुपयोग और चल रही जांच का हवाला दिया है।
#PERM प्रक्रिया विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने का एक अहम चरण है। इस फैसले से अमेरिका में काम कर रहे कई विदेशी, खासकर भारतीय IT पेशेवरों की स्थायी निवास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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