लखनऊ स्थित विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पार्टी का 8वां स्थापना दिवस पदाधिकारियों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इस गौरवशाली अवसर पर पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
जिस संघर्ष, संकल्प और जुनून के साथ विकासशील इंसान पार्टी की शुरुआत हुई थी, आज भी वही जज्बा और हौसला कायम है। निषाद समाज सहित सभी वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों को उनका हक-अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाने का हमारा संकल्प अडिग है।
निषाद समाज को आरक्षण दिलाने और उसके हक-अधिकार की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने का संघर्ष जारी रहेगा।
विकासशील इंसान पार्टी के 8वें स्थापना दिवस पर पार्टी के समस्त नेताओं, पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आठ वर्षों का यह सफर सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई के प्रति हमारे अटूट संकल्प, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक रहा है। जिस पौधे को एक विचार और संकल्प के साथ लगाया गया था, वह आज एक विशाल वृक्ष का रूप लेकर लाखों लोगों की उम्मीदों और विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
विकासशील इंसान पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक शक्ति हासिल करना नहीं, बल्कि निषाद समाज को आरक्षण सहित उसके सभी संवैधानिक हक, अधिकार और सम्मान दिलाना है। यह संघर्ष किसी पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है। हमारा संकल्प तब तक अधूरा रहेगा, जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को उसका वाजिब हक नहीं मिल जाता।
एक छोटे से पौधे से विशाल वृक्ष बनने तक का यह सफर हमारे संघर्ष, समर्पण, त्याग और जनविश्वास की कहानी है। आइए, इस स्थापना दिवस पर संकल्प लें कि इस वृक्ष की जड़ों को और मजबूत करेंगे, इसकी शाखाओं को देश के कोने-कोने तक पहुँचाएँगे और निषाद समाज के हक एवं अधिकारों की आवाज को पहले से भी अधिक बुलंद करेंगे।
सत्ता हमारा लक्ष्य नहीं, निषाद समाज को आरक्षण दिलाना हमारा संकल्प है!
छठ महापर्व बिहार की आस्था, संस्कृति और आत्मीयता का सबसे बड़ा पर्व है। हर बिहारी चाहता है कि वह इस अवसर पर अपने गांव, अपने घर और परिवार के बीच छठ मनाए।
लेकिन आज हवाई टिकटों के दाम 30-40 हजार, यहां तक कि 50 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। एयरलाइंस कंपनियां खुलेआम लूट मचा रही हैं और केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। सरकार चाहे तो हवाई किराये पर नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सरकार तत्काल संज्ञान ले, हवाई किराये पर नियंत्रण लगाए और पर्याप्त विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करे, ताकि हर बिहारी अपने घर-परिवार के बीच छठ मना सके।
निषाद समाज को आरक्षण मांगने से नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने और एकजुटता से मिलेगा। जब तक दर्जनों सांसद बनाकर संसद में अपनी मजबूत आवाज नहीं पहुंचाएंगे, तब तक यह लड़ाई अंजाम तक नहीं पंहुचेगी।
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निषाद समाज को एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाना होगा।
उत्तर प्रदेश में आरक्षण का दरवाजा खोलने के लिए पूरी ताकत लगा दीजिए। यह लड़ाई केवल उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे निषाद समाज के हक और अधिकार की लड़ाई है।
अब एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाने और आरक्षण का अधिकार हासिल करने का समय है!
पटना में पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा जी के आवास पर पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति और धैर्य दें।
हमारा संकल्प है कि समाज के 50 हजार ऐसे युवा योद्धा तैयार किए जाएँ, जो निषाद समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक एवं सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ।
निषाद गुरुकुल के माध्यम से समाज के गरीब और प्रतिभाशाली युवाओं एवं युवतियों की शिक्षा, रहने और बेहतर भविष्य के निर्माण में समाज के सहयोग से सहायता की जाएगी।
साथ ही, उन्हें संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों, वोट की ताकत और सामाजिक-राजनीतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक नेतृत्व का निर्माण करना है, जो समाज में शिक्षा, समानता, अधिकार और संगठन की भावना को आगे बढ़ाए।
पूरे उत्तर प्रदेश, बिहार और देश के निषाद समाज को अपना परिवार मानता हूँ। मेरी अपनी तरक्की नहीं, मुझे अपने समाज की तरक्की चाहिए। पिछले छह महीनों में उत्तर प्रदेश के 55 जिलों में जाकर समाज के बीच पसीना बहाया है। यह लड़ाई बिना किसी स्वार्थ, डर और भय के समाज के हक और अधिकार के लिए है। अगर जरूरत पड़ी तो सीने पर गोली खाने के लिए भी सबसे पहले मैं खड़ा रहूँगा।
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एवं लौह महिला श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
देश की एकता और अखंडता की रक्षा, बैंकों के राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनका दृढ़ नेतृत्व, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में सरदार पटेल जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रविन्द्र किशोर सिन्हा जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उनका निधन राजनीतिक एवं सामाजिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस दुःख की घड़ी में शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
भावभीनी श्रद्धांजलि!
सरकार का काम जनता को पैसा बाँटना नहीं, बल्कि जनता की जरूरतों को पूरा करना है। बच्चों के लिए स्कूल, बेहतर इलाज के लिए अस्पताल, अच्छी सड़कें और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्योग लगाने की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवाओं को फैक्ट्री लगाने के लिए सब्सिडी, आसान लोन और कम ब्याज की सुविधा दीजिए, ताकि वे रोजगार देने वाले बन सकें।
लेकिन जब सरकार काम करने के बजाय सरकारी खजाने से पैसा बाँटकर वोट हासिल करने लगे, तो समझिए कि वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।
हमारी लड़ाई विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनने की नहीं, बल्कि निषाद समाज सहित गरीब-पिछड़े समाज को सम्मान से जीने का अधिकार दिलाने की है।
वोट की ताकत से ही सत्ता में भागीदारी और हक-अधिकार की लड़ाई मजबूत होगी।हमें आरक्षण और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मजबूती से लड़ना है।
हक-अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी!
भारतीय जनता पार्टी कभी धर्म के नाम पर, कभी राम मंदिर के नाम पर, तो कभी पैसे बाँटकर वोट हासिल करने की राजनीति करती है।
हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि चंद पैसों के लिए अपना वोट मत बेचिए। अपने बच्चों के भविष्य, शिक्षा, रोजगार और आरक्षण के अधिकारों को ध्यान में रखकर वोट कीजिए।
वोट आपका अधिकार है, इसे पैसों के लिए नहीं, अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस्तेमाल कीजिए।
अखंड सौभाग्य, अटूट प्रेम और असीम विश्वास के प्रतीक पावन पर्व करवा चौथ की समस्त माताओं एवं बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज नई दिल्ली स्थित द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), दिल्ली स्टेट सेंटर में मनोज कुमार बिंद जी के नेतृत्व में आयोजित निषाद-बिंद फैमिली की छठवीं फिजिकल मीटिंग में सहभागिता की।
इस अवसर पर निषाद समाज की एकजुटता, सामाजिक भागीदारी और समाज के उज्ज्वल भविष्य को लेकर विचार-विमर्श हुआ। समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। संगठित समाज ही अपने हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा सकता है।
समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों के लिए हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।
हम रहें या न रहें, लेकिन निषाद विकास संघ और निषाद गुरुकुल हमेशा मजबूती से आगे बढ़ते रहेंगे। इसे एक मजबूत नियमावली के तहत संचालित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इसे आगे बढ़ाएं और धरती की कोई ताकत इसे मिटा न सके।
निषाद गुरुकुल सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि निषाद समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
निषाद गुरुकुल सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य और निषाद समाज के सम्मान, अधिकार एवं राजनीतिक भागीदारी की मजबूत नींव है।
पटना के समीप सोनपुर स्थित 7 एकड़ में फैले इस परिसर में हर महीने 1,500 से 2,000 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। हमारा संकल्प है कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और मध्य प्रदेश से 40-50 हजार मजबूत योद्धा तैयार किए जाएं, जो समाज के हक-अधिकार की लड़ाई को नई मजबूती देंगे।
निषाद गुरुकुल का लक्ष्य स्पष्ट है समाज को संगठित करना, नेतृत्व तैयार करना और आने वाली पीढ़ी को सम्मान के साथ जीने का रास्ता दिखाना।
पटना के समीप सोनपुर स्थित निषाद गुरुकुल में निषाद विकास संघ एवं विकासशील इंसान पार्टी के वरीय पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर निषाद समाज को संगठित करने, आरक्षण आंदोलन को नई मजबूती देने और उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक निषाद आरक्षण संकल्प अभियान पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई।
वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले 50,000 प्रशिक्षित निषाद योद्धाओं की मजबूत टीम तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 7 एकड़ में निर्माणाधीन निषाद गुरुकुल को समाज के युवाओं के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और सामाजिक जागरूकता का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के 55 जिलों में 50 टीमों के माध्यम से निषाद आरक्षण संकल्प अभियान को जन-जन तक पहुंचाकर आरक्षण की आवाज को और बुलंद किया जाएगा।
यह अभियान महज एक संगठनात्मक पहल नहीं, बल्कि निषाद समाज के हक, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मजबूती देने का संकल्प है। हमारा उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति को जागरूक करना, युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना और समाज की एकजुट ताकत से अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाना है।
















