डिबेट का जज मोहन भागवत को बना दो
चाहे तो अदानी को बना दो
NDTV पर डिबेट कर लो
6 मिनट नहीं लगेगा
5 मिनट में मोदी को देशद्रोही साबित कर दूंगा
डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर चलता है
24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है।
आप कहते हो कि opposition देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।
देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए,
डरिए मत, डिबेट करते हैं।
आजाद भारत के इतिहास में पहली बार दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
अमृतकाल देश की हर संस्था का मृतकाल है,
ये बीजेपी RSS देश को आपस मैं लड़वाकर ही मरवा देंगे।
BJP ने जिन लोगों के बारे में कहा था कि उन्हें नुकसान होगा, वही लोग राहुल गांधी जी को धन्यवाद दे रहे हैं।
क्या प्लॉट ट्विस्ट है!
देश नहीं बिकने दूंगा" का नारा था, आज देश की हर संपत्ति नीलाम हो रही है!
लाखों युवा सालों से सरकारी नौकरियों का इंतज़ार कर रहे हैं, पर भर्ती नहीं निकलती।
जो Public Sector देश का सहारा थे, उन्हें एक-एक करके बेचा जा रहा है।
अब IDBI बैंक का निजीकरण कर दिया गया
#IDBIBank
ज्ञानेश कुमार ने देश का गला घोंटने का सबसे बड़ा अपराध किया है!
संविधान, लोकतंत्र और हर भारतीय की आवाज़ की रक्षा ही सबसे बड़ा धर्म है, जिसे हर हाल में निभाया जाएगा।
गद्दारों को सज़ा ज़रूर मिलेगी, संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे!
ज्ञानेश कुमार, जिस जनता की आवाज़ चुराई है, उसी की आवाज़ सुनो।
मौका हाथ से निकल चुका है - लोकतंत्र का एक भी गद्दार कार्रवाई और सज़ा से भाग नहीं पाएगा।
गांधीनगर दिल्ली 📍
कांग्रेस की रैली से व्यापारियों के नुकसान का झूठ फैलाने वाली बीजेपी की "ट्रिपल इंजन" सरकार अब गांधीनगर के व्यापारियों के इस बदहाल मंज़र पर चुप क्यों है?
8 तारीख को दिवाली है
इस बदबू और गंदगी के बीच ग्राहक दुकान तक पहुंचेगा कैसे?
अमित शाह ने कहा है
मोदी कहीं नहीं जाएंगे
मैं उल्टा कहना चाहता हूं
वो जाना भी चाहेंगे तो हम नहीं जाने देंगे
ज्ञानेश कुमार के बाद
हम आपके सामने खड़े होने जा रहे है
जो अपने वोट चोरी की है
अदानी को जो देश बेचा है
आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी 💥
सुप्रीम कोर्ट के हज़ारों वकील भी पहुंचे रामलीला मैदान महारैली में
#SupremeCourt
#VoteChorGaddiChhod
#BanEVM_SaveINDIA
कोई बड़े घमंड और अकड़ में पूछ रहा “कौन राहुल?”
उम्मीद है, आज रामलीला मार्च का जनसैलाब देखकर ठीक से समझ आ गया होगा !
देश के कोने-कोने से लोग लोकतंत्र, चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए अपनी आवाज़ उठाने के लिए रामलीला मैदान में इकट्ठा हो रहे हैं।
लोकतंत्र के लिए एक भावना, एक आवाज़, एक पुकार!
