Official Twitter handle of Office of Hon'ble Chief Minister, Uttarakhand.

Dehradun, India
Joined July 2019
उत्तराखण्ड में सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर। #Womenempowerment #UdhamSinghNagar #Uttarakhand
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए किए ₹ 496 करोड़ मंजूर।
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युवा नशे को छोड़कर परिश्रम से संवारे अपना भविष्य : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित समग्र शिक्षा योजनार्न्त्तत संचालित माध्यमिक/प्रारम्भिक विद्यालय/शिक्षक शिक्षा की स्थापना के अन्तर्गत वेतन भत्तों आदि के लिए अवशेष धनराशि ₹445.92 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला-2027 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विकासखण्ड बहादराबाद में गंगा नहर के दायीं पार्श्व पर स्थित कांगड़ा घाट के विस्तारीकरण किए जाने हेतु ₹8.43 करोड़ सहित कुंभ मेला-2027 हेतु किराये के आधार पर फर्नीचर और सजावटी कपड़े हेतु व्यय वित्त समिति द्वारा संस्तुत लागत ₹14.57 करोड़ के कार्य की स्वीकृति प्रदान करने का अनुमोदन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के अन्तर्गत विकासखण्ड रिखणीखाल में PWD अतिथि गृह के समीप हेलीपैड का निर्माण किए जाने हेतु ₹13.50 लाख तथा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के ग्राम पंचायत मूलाकोट के डचूडा बाजार में राजकीय इंटर कॉलेज मूलाकोट तक दीवार सहित इंटरलॉकिंग टाइल्स एक हजार मीटर का निर्माण किए जाने हेतु ₹46.46 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड कीर्तिनगर के अन्तर्गत जखेड़ से सुमाड़ी कपरोली तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण किए जाने हेतु ₹2.04 करोड़, जनपद पिथौरागढ़ में गणाई बनकोट मोटर मार्ग से भट्टीगांव तारसिमोली मोटर मार्ग का विस्तार, सुधारीकरण व डामरीकरण किए जाने हेतु ₹4.09 करोड़ तथा जनपद देहरादून के विकासखण्ड कालसी में उद्पाल्टा-उपरौली मोटर मार्ग के अनुरक्षण का कार्य किए जाने हेतु ₹1.91 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल में कसियालेख हरिनगर अक्सोडा मोटर मार्ग के किमी 01 से 08 में सुधारीकरण कार्य एवं पीसी द्वारा डामरीकरण का कार्य किए जाने हेतु धनराशि ₹3.82 करोड़ तथा जनपद ऊधमसिंह नगर के ग्राम प्रतापपुर में खाद्य गोदाम से तलवार फार्म होते हुए वकील फार्म तक 06.00 किमी हॉट मिक्स रोड का निर्माण किए जाने हेतु ₹3.84 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड कनालीछीना के अन्तर्गत ग्राम सभा ओझातल्ला के ढुंगालगांव से ओझातल्ला तक सम्पर्क मार्ग (1.5 किमी सीसी मार्ग) का निर्माण किए जाने हेतु ₹61.39 लाख तथा जनपद चम्पावत के ब्लॉक बाराकोट के अन्तर्गत लोहाघाट-बाराकोट-सिमलखेत-काफलीखान भनोली NH-57 में किमी 17 से 21 तथा किमी 27 से 38.120 में सुधारीकरण एवं डामरीकरण किए जाने हेतु ₹4.94 करोड़ तथा जनपद ऊधमसिंह नगर के ग्राम सुरेन्द्रनगर में हर्षित विश्वास के घर से किंचून मंडल के घर की ओर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य किए जाने हेतु ₹87.94 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के कैंट क्षेत्र में जोन न.-5 के अन्तर्गत 01 नलकूप, पम्प हाउस राइजिंग मेन तथा अन्य सम्बंधित कार्यों हेतु ₹3.07 करोड़ तथा जनपद नैनीताल के अन्तर्गत डौन परेवा में हेलीपैड के निर्माण हेत ₹8.30 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल में हुणेश्वर महादेव मंदिर के निकट धर्मशाला/कक्षों तथा शौचालयों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण किए जाने हेतु ₹98.77 लाख की स्वीकृति प्रदान करने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रसिद्ध गायक श्री दलेर मेहंदी जी से फोन पर वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान विगत दिनों हुए घटनाक्रम के संबंध में भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस दौरान कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड ‘अतिथि देवो भवः’ की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। हमारी लोकसंस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और सौहार्द की भावना ही देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का सदैव स्वागत एवं सम्मान किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस घटनाक्रम को पीछे छोड़कर आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता की भावना के साथ आगे बढ़ा जाए।
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हरिद्वार में यात्रियों की सुविधा के लिए उठाए जा रहे हैं ठोस कदम। #Haridwar #Uttarakhand
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर हरकी पैड़ी, हरिद्वार से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। #Uttarakhand #Haridwar
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उत्तराखण्ड पुलिस में महिला सशक्तिकरण। #Uttarakhandpolice #Womenpolice
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उत्तराखण्ड में अग्निवीरों को प्रदेश सेवा में समायोजन को मिली मंजूरी। #agniveerarmy #Agnipath #Uttarakhand
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उत्तराखण्ड में स्वरोजगार को अपनाकर महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर। #Selfemployment #Nainital #Uttarakhand
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डॉ. बी.आर. आम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 'ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकाथॉन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्त उत्तराखण्ड की शपथ भी दिलाई। #DrugFreeUttarakhand ​#NashaMuktUttarakhand ​#Walkathon2026 ​#ONGC #Dehradun
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 'ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्त उत्तराखण्ड की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं सहित सभी प्रतिभागियों से नशामुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इस प्रकार के आयोजनों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ने के साथ ही युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस पहल के लिए ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, आयोजकों एवं विशेष रूप से श्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ ही उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। जिस युवा के हाथों में किताबें होनी चाहिए, जिसे खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखानी चाहिए और अपने परिश्रम से भविष्य संवारना चाहिए, यदि वह नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसके सपनों के साथ ही परिवार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। नशे से दूर रहने के लिए खेल, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। अच्छी संगति, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यस्थलों और खेल मैदानों से नशामुक्ति का संदेश हर घर और हर गांव तक पहुंचाना होगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस अभियान में केवल सहभागी बनकर न रहें, बल्कि इसका नेतृत्व करें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही जनजागरूकता, नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को सही मार्गदर्शन, परामर्श, उपचार और परिवार का भावनात्मक सहयोग मिलना भी आवश्यक है। नशामुक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई के साथ ही सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास के प्रयासों में बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ ही वीरों, तपस्वियों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। हमारी युवा पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करनी हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास में हो तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक से अधिक अवसर मिलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प केवल किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने सभी से 'नशे को ना, जिंदगी को हां' का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही एक ऐसे स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त उत्तराखण्ड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और परिश्रम से आगे बढ़े तथा प्रत्येक परिवार का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल हो। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, उत्तराखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष श्री अशोक वर्मा, डॉ. विकास लोईवाल, ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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युवाओं की मेहनत से साकार होगा विकसित भारत का सपना: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।
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लोकभाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक पर आज के अखबारों की सुर्ख़ियां।
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श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य की लगातार हो रही है मॉनिटरिंग। #Kedarnath #Rudraprayag #Uttrakhand
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पौड़ी गढ़वाल के कंडोलिया इंडोर स्टेडियम में हुआ 24वीं राज्यस्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आगाज़। #PauriGarhwal #Uttarakhand
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उत्तराखण्ड में आधारभूत ढांचे को निरंतर किया जा रहा है मजबूत। #Champawat #Uttarakhand
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बिधौली, देहरादून स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। अब वे विश्वविद्यालय से निकलकर जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने परिश्रम और क्षमताओं के बल पर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से विकसित भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा। उन्होंने कहा कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-दुनिया में जहां भी जाएंगे, अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और उपलब्धियों से उत्तराखण्ड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों से स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड के युवा विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक हैं और समाज तथा देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी सकारात्मक सोच रखते हैं। जागरूक और प्रतिभाशाली युवा ही किसी भी राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज' की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें। इसी उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सरकार युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों के परिजनों से भी संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर श्री मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में एआई स्ट्रैटेजिक इंजीनियरिंग (AiSE) फाउंडेशन द्वारा विकसित 'भाषा एआई' पहल के अंतर्गत गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी भाषा में रिकॉर्ड की गई वॉइस क्लिप से अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखण्ड की लोकभाषाओं को एआई से जोड़कर उनके संरक्षण, संवर्धन और डिजिटल माध्यमों पर उपयोग को बढ़ावा देना है।मुख्यमंत्री ने एआईएसई फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हमारी बोली-भाषाएं हमारी पहचान हैं। अपनी पहचान को बनाए रखने तथा लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में इसका दायरा और व्यापक होगा। ऐसे में हमें अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भी इस तकनीक के अनुरूप विकसित करना होगा, ताकि हमारी समृद्ध भाषाई विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों में रहने वाला व्यक्ति भी अपनी बोली-भाषा के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके और अपनी बात आसानी से सरकार तक पहुंचा सके। इसके लिए आवश्यक है कि एआई हमारी स्थानीय भाषाओं को सही ढंग से समझ सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के शब्दों का व्यापक संग्रह तैयार करने के साथ ही उनके सही उच्चारण और बोलने की शैली को भी एआई से जोड़ना होगा। इससे एआई हमारी बोली-भाषाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेगा और लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में सटीक जानकारी उपलब्ध करा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही शब्द का उच्चारण अलग-अलग ढंग से किया जाता है। पोर्टल के माध्यम से जानकारी अपलोड करने से एआई को स्थानीय भाषाओं के शब्दों, उच्चारण और बोलने की विविध शैलियों को समझने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल हमारी लोकभाषाओं के संरक्षण के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोककला, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक गायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, एआईएसई फाउंडेशन के संस्थापक श्री सचिदानंद सेमवाल, श्री शक्ति प्रसाद भट्ट, श्री गजेंद्र नौटियाल, श्री अनिरुद्ध रैथवान, श्रीमती निधि सेमवाल, श्री अनिल गोदियाल, डॉ. जे.के. पांडे एवं श्री देव रतूड़ी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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