Pinned Tweet
मोदी के दामन कुछेक गलत नीतियों के कारण अब दागदार हो चले हैं,लेकिन जो उन्हें पदच्युत करना चाहते हैं,उनके दामन तो सदियों से काले हैं। हम मोदी की आलोचना इसलिए नहीं करते की सत्ता कांग्रेस को मिले,अपितु इसलिए करते हैं कि, सत्ता की चाह में भाजपा का कांग्रेसीकरण ना हो जाए++
और कुछ इसप्रकार दिल्ली रामलीला मैदान में 01 नवंबर को आलू से सोना बनाने की प्रक्रिया का आगाज हुआ, अब जल्द हीं समूचे देश में मस्क के मदद से फैक्ट्री लगाया जायेगा, फिर सोना हीं सोना,, 😎😎
लंकेश retweeted
🚨 BIG BREAKING
For the first time in 47 years, NO CRPF personnel were KILLED IN ACTION over a 12-month period, marking a major MILESTONE for India's largest paramilitary force & Modi Government. 🔥
लंकेश retweeted
This is big achievement of Modi Govt... 👍👏 @AmitShah – at Mumbai, India
और इसके पीछे किसी एक बड़े का हाथ है तो वो हैं मोटा भाई.. मोटा भाई बड़े- बड़े लक्ष्यों को धीरे -धीरे हीं सही, मगर एकदिन छोटा जरूर कर देते हैं..✌🏻
शुभकामनायें रहेगी इस अप्रतिम उपलब्धि के लिए सीआरपीएफ
अबे, हारमोनियम 😄
विपक्ष के नकारे सांसदों के कारण से तुम्हारे राहुल जी LoP हैं, वरना उनकी योग्यता तो संसद में कैंटीन चलाने भर की हीं है। रही बात मोटा भाई की जेल जाने कि तो सुन ले कान खोल कर, मोटा भाई हीं अगले PM हैं और उन्हीं के हाथों तुम सड़ोगे..
मोदी और मोटा भाई में उतना अंतर है जितना मुझमें और भाई कुम्भकर्ण में था।
अमित भाई शाह प्योर नेता है, देशभक्त है।
मतलब मैं समझ नहीं पाता हुँ कि अपने से 20-25 साल बड़े पुरुषों को पति के रूप में कैसे देखती होंगी वैसी स्त्रियां जो डेढ़ गुना उमर के चाचा ताऊ सरीखे पुरुषों से ब्याह कर रही हैं। उमर के अनुसार तो उनको देखते हीं आदर वाला फीलिंग्स आता होगा, हउ वाला फीलिंग्स तो जागता हीं नहीं होगा। 🙄
लंकेश retweeted
HM Shri @AmitShah leads the #SaveDemocracyRemoveAnarchy Maha Padayatra in Hyderabad. teapaw.org/i/broadcasts/2ZBKAVMBX…
आज मैं हैदराबाद की इस पवित्र भूमि पर "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" रैली में आप सभी का स्वागत करता हूं।
अगर सरदार उस वक़्त निज़ाम को न झुकाते, तो आज हैदराबाद भारत का हिस्सा न होता। वो सरदार साहब ही थे, जिन्होंने हैदराबाद के निज़ाम को झुकाकर हैदराबाद को भारत का हिस्सा बनाया।
-श्री @AmitShah
#SaveDemocracyRemoveAnarchy
ये आईपीएस है। मगर जरूरी नहीं कि शिक्षित है।जैसे मैं विद्वान हुँ,पंडित हुँ,ज्ञानी हुँ,मगर जरुरी नहीं कि राष्ट्रप्रेमी हुँ,जिम्मेदार हुँ।एक लड़की जननी बन सकती है पर माँ नहीं।दोनों में अंतर इतना जैसे हवन के धुएँ और दावानल के धुएँ से.विज साब, सुबह के अकेलेपन को यूँ न जाया कीजिये।
एक अंदरखाने की बात सुन लीजिये। अमित भाई शाह कभी नहीं चाहते थे कि मोदी एक्ट और घातक वाणो से लैस हो जाए, UGC लाया जाए, चोर उच्चके भाजपा में आयें, मोदी दरगाह जाए, अम्बेडकर अम्बेडकर जपा जाए,, मगर दिल पर पत्थर रख मोदी की बात मान ली है, यकीन मानिये जब शाह के PM बनते हीं सब खत्म ✌🏻
















