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Rajasthan, india
Joined March 2022
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जिंदगी कई रंग दिखाती है और उसमें सबसे गहरा रंग दर्द का होता है।
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प्रश्न: लोग प्यार में इतने अंधे क्यों हो जाते हैं? आचार्य: प्यार नहीं, कामना में अंधे! प्यार तो बहुत प्यारी चीज़ होता है। प्रश्न: प्यार क्या होता है? आचार्य: प्यार का मतलब होता है ज़िंदगी में इतनी ऊँची चीज़ आ गई उसके लिए मैं सिर कटाने को तैयार हूँ। मेरा सिर ले ले, पर तू मिल जा मुझे - ये प्यार है। ~आचार्य प्रशांत
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कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या कोई किसी का नहीं ये झूठे नाते हैं नातों का क्या
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💙 ​🔱‼️ महाप्रभु श्री हरि विष्णु महा-वंदना‼️🔱 ​॥ मंगलाचरण एवं स्वरूप वंदन ॥ ​शांत ,सनातन ,परम निरंतर ,हे जगदीश्वर अविनाशी। क्षीर सिंधु की धवल धार पर ,आसन मारे ,सुख के रासी॥🙌 कोटि-कोटि सूर्यों का तेज है ,कोटि चंद्र सी शीतलता है। तव चरणों की धूलि मात्र से ,जग का भाग्य बदलता है॥🙌 ​पीताम्बर की ओढ़ चुनरिया ,मंद-मंद मुसकाते हो। कौस्तुभ मणि की अनुपम आभा , उर पर भव्य सजाते हो॥🙌 चार भुजा में आयुध धारे ,दुष्टों का मद चूर्ण करें। शंख ,चक्र ,अरु गदा ,पद्म ले ,भक्तों के दुःख पूर्ण करें॥🙌 ​ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🙌 ​॥ लीला एवं अवतार स्मरण ॥ ​तुमने ही मत्स्य का रूप धरा ,वेदों की रक्षा की स्वामी। कूर्म रूप धर पीठ तानी ,जब मथने आए अंतर्यामी॥🙌 वाराह रूप धर धरा उठाई ,हिरण्याक्ष का मान हरा। नरसिंह बन खंभ से प्रगटे ,प्रहलाद का संकट दूर करा॥🙌 ​बामण बन पग तीन नापकर ,बलि का सुंदर मान किया। परशुराम बन क्षत्रिय भू को ,अधर्म विहीन महान किया॥🙌 राम रूप में मर्यादा की ,सुंदर रीत सिखाई थी। कृष्ण रूप में गीता गाकर ,जग की चेत जगाई थी॥🙌 ​बुद्ध रूप में शांति सिखाई ,कल्कि रूप में आओगे। पाप-पुंज से दबी धरा का ,फिर से भार हटाओगे॥🙌 ​ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🙌 ​॥ शरणागति एवं प्रार्थना ॥ ​हे लक्ष्मीपति ,हे वैकुंठेश्वर ,मैं पापी , अज्ञान भरा। काम ,क्रोध ,मद ,लोह ,मोह ने ,मुझे चारों ओर घेरा॥🙌 भटक रहा हूँ भवसागर में ,कोई किनारा दीख न रहा। तव भक्ति की नौका बिन प्रभु ,उद्धार का रस्ता दीख न रहा॥🙌 ​गजेन्द्र को ग्राह से उबारा ,द्रुपद-सुता की लाज रखी। ध्रुव को दिया अटल पद तुमने ,शबरी की भी आस रखी॥🙌 मैं भी खड़ा हूँ द्वार पे आपके ,अंचल अपना पसार करके। तारो या न तारो मोहन ,बैठ गया हूँ हार करके॥🙌 ​प्रातः काल की पावन बेला ,पवन सुगन्धित डोले है। तव मंदिर के पट खुले प्रभु ,मन 'हरि-हरि' सुर बोले है॥🙌 मन-मंदिर के अंधियारे में ,ज्ञान का एक दीपक बारो। जन्म जन्म के पाप काट कर ,हे माधव!अब तो तारो॥🙌~💙 ~छुअन ​1. मंगलाचरण (सुबह आंख खुलते ही बोलने वाला मंत्र) ​मङ्गलम् भगवान विष्णुः ,मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः ,मङ्गलाय तनो हरिः॥🙌 ​अर्थ: भगवान विष्णु मंगलकारी हैं ,गरुड़ जिनका वाहन है वे मंगलकारी हैं। कमल के समान नेत्रों वाले भगवान पुण्डरीकाक्ष मंगलकारी हैं ,और वे हरि स्वयं मंगल के धाम हैं।🙌 ​2. विष्णु स्तुति (शांताकारं मंत्र) ​शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं , विश्वाधारं गगनसद्शं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् , वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥🙌 ​अर्थ: जिनकी आकृति परम शांत है ,जो शेषनाग की शय्या पर शयन करते हैं ,जिनकी नाभि में कमल है ,जो देवताओं के भी ईश्वर और इस पूरे ब्रह्मांड का आधार हैं।जो आकाश के समान सर्वव्यापी हैं ,मेघ के समान जिनका रंग है ,और जिनके सभी अंग अत्यंत सुंदर हैं। लक्ष्मी के स्वामी ,कमल जैसे नेत्रों वाले और योगियों द्वारा ध्यान के माध्यम से प्राप्त किए जाने वाले ,ऐसे पूरे संसार के स्वामी भगवान विष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ ,जो जन्म-मरण के भय को नष्ट करने वाले हैं।🙌 ​3.भगवान विष्णु गायत्री मंत्र ​ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥🙌 ​अर्थ: हम पर मपिता श्री नारायण को जानते हैं और वासुदेव का ध्यान करते हैं ,वे भगवन विष्णु हमारी बुद्धि और अंतःकरण को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते है।🙌 ​4.क्षमा याचना एवं समर्पण मंत्र ​कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्। करोमि यद्यत् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयेतत्॥🙌 ​अर्थ: शरीर से ,वाणी से ,मन से ,इन्द्रियों से ,बुद्धि से ,अंतरात्मा से अथवा स्वभाव वश मैं जो कुछ भी कर्म करता हूँ ,वे सब परम पिता श्रीमन नारायण को समर्पित करता हूँ!🙌 ​5. सरल महामंत्र (108 बार जाप के लिए) ​ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥🙌 अर्थ: मैं भगवान वासुदेव को पूर्ण भक्ति भाव से नमन करता हूँ ॥🙌 ‼️प्रातः उच्चारित मंत्र‼️ ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री वासुदेवाय नमः🙌 ॐ श्रीं लक्ष्मीनारायणाय नमः॥🙌 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥🙌 ​ॐ नमो नारायणाय॥🙌 ॐ पद्मनाभाय नमः॥🙌 ॐ अनन्ताय नमः॥🙌 ​ॐ विष्णवे नमः॥🙌 जय श्री हरि विष्णु......🙌 जय श्री लक्ष्मी नारायण🙌 ॐ श्रीं लक्ष्मीनारायणाय नमः॥🙌 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥.. 🙌 #शुभ_ब्रहस्पतिवार 🌹 प्रातः वन्दन............. 🙌🌹 🌹🙌🌹
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शुक्रिया। :)
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तुम्हारी स्मृतियाँ, आखेट करती हैं मेरा.. हर शाम, मारा जाता हूं मैं.. शब्दों का रूप धरे मेरा रक्त बहता है, मुड़े-तुड़े कागज पर..। 🩶🩶 ~ सारंग
तुम्हारी स्मृतियाँ जो मेरे भीतर आज भी जीवित हैं, उनको अब मैं तुम्हें सौंप देना चाहता हूँ.. सौंप देना चाहता हूँ स्वयं के उन टुकड़ों को, जो हमेशा मुझसे मेरी हार का कारण पूछते हैं.. इस बोझ को अब किसी अनजान मोड़ पर रख कर "मुक्त" होना चाहता हूँ...
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जब तक मतलब निकलता है, तब तक अपने होने का नाटक करते हैं और जरूरत पूरी होते ही किनारा कर लेते हैं। इसलिए अब किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा करने से बेहतर है कि रिश्तों में थोड़ा संभलकर और परखकर ही कदम बढ़ाया जाए, ताकि बाद में खुद के इस्तेमाल होने का पछतावा न हो।
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प्रभाते दर्शन घ्यावे श्री गणरायाचे मगच कार्यभाग साधण्यास पाऊल टाकावे. ॐ गणेशाय नमः 🙏💐 सुप्रभात 💐
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सुप्रभात 💐
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जब अपने ही लोग ऐसा स्वार्थीपन दिखाते हैं, तो दुख सिर्फ इस बात का नहीं होता कि उन्होंने क्या किया, बल्कि इस बात का होता है कि हमने उन पर कितना भरोसा किया था।
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चकोर से चाँद की चर्चा कर रहा हूँ, इक दीवाने को दीवाना ही समझ सकता है। ~ शरद
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मेरे मन की ऐसी हालत हो चुकी है कि कई बार समझ नहीं आता मैं क्या करूं किसी को मार दूं, या मर जाऊं ऐसी हालत हो चुकी है।
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कोई भी रिश्ता सोच समझ कर बनाना चाहिए वरना इस्तेमाल होते देर न लगेगी।
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कई बार हमारे आस पास के लोग इतने सेल्फिश होते है कि हमारा पूरा वजूद हिला कर रख देते है। बहुत घटिया होते हैं ऐसे लोग।
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🤗
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"बाहर से कुछ भी बटोरने से पहले, ये तो जान लीजिए कि आपके पास पहले से क्या है।" ~ आचार्य प्रशांत
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*🌹🚩🌹सुप्रभात🌹🚩🌹* **ज़िंदगी जब कठिन* *समय में नाच नचाती है* *तो ढोलक बजाने* *वाले अपने जान पहचान* *वाले ही होते है।* *🙏❤️*राधे राधे❤️🙏* 🌹*सदा मुस्कुराते रहिये*🌹 *🌹हँसते रहिये हंसाते रहिये🌹*
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कुछ घाव ताउम्र रिस्ते रहते हैं।
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किस्मत जैसी कोई चीज नही होती, हमारे बुरे का कारण या तो हम खुद है या किसी और की साजिश।।
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