
Secretary (Organization) @INCIndia / Former National President @mahilacongress / Alumnus @StateDept / Former Secretary @IYC / Former Nat. Head Training @NSUI
Joined April 2015
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव (संगठन) के रूप में मुझे अहम ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए मैं कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय श्री @kharge जी, हम सबकी प्रेरणापूंज श्रीमती सोनिया गांधी जी, जननायक और देश के नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी, कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी, कांग्रेस संगठन महासचिव श्री @kcvenugopalmp जी का तहे दिल से धन्यवाद करती हूँ और यह विश्वास दिलाती हूँ कि पार्टी संगठन और विचारधारा की सेवा में मैं पूरी लगन, मेहनत और समर्पण से काम करूँगी।
Hon'ble Congress President Shri @kharge has appointed the following party functionaries as AICC Secretaries/Joint Secretaries attached with the respective General Secretaries/In-charges with immediate effect.
Netta D'Souza retweeted
LIVE: The Public Impeachment of Gyanesh Kumar | 10 Rajaji Marg, New Delhi teapaw.org/i/broadcasts/2RezPKlmJ…
Netta D'Souza retweeted
IDBI की स्थापना 1 जुलाई 1964 को हुई थी। इसकी परिकल्पना तत्कालीन वित्त मंत्री टी. टी. कृष्णमाचारी (TTK) ने की थी। निजी क्षेत्र को वित्तीय सहायता देने और भारत के औद्योगिक विकास को गति देने में IDBI की ऐतिहासिक भूमिका रही है। इसके साथ-साथ IDBI ने SIDBI, EXIM Bank, NSE, SEBI और NSDL जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के निर्माण में भी अहम योगदान दिया।
ऐसी ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले संस्थान, जो पिछले वित्तीय वर्ष में करीब दस हज़ार करोड़ मुनाफ़े में था, को कनाडा की कंपनी Fairfax को बेचने का औचित्य क्या है?
पिछले कुछ दिनों में इस मामले पर Businessworld ने पड़ताल करके बड़े खुलासे किए हैं जो मोदी सरकार के इस निर्णय पर गंभीर सवाल खड़ा करते हैं। LIC के स्वतंत्र निदेशक गुरुमूर्ति महालिंगम सात महीने तक LIC और Fairfax नियंत्रित Thomas Cook India, दोनों के बोर्ड में रहे। इस दौरान LIC ने IDBI में अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और Fairfax बैंक के लिए बोली लगाने वालों में शामिल थी। महालिंगम LIC की Investment Committee के सदस्य भी थे। यह हितों के टकराव की गंभीर आशंका का मामला है।
सरकार ने गोलमोल सफ़ाई देने की कोशिश की है, पर यह सफाई महालिंगम की दोहरी भूमिका, हितों के टकराव और IDBI कर्मचारियों के भविष्य पर उठे सवालों का जवाब नहीं देती। न ही यह बताती है कि मुनाफ़े में लौट चुके एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को बेचने की आख़िर जल्दबाज़ी ही क्या है।
सवाल सिर्फ IDBI का नहीं है। सवाल यह है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में होने वाले हर बड़े सरकारी सौदे पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल क्यों उठते हैं?
बड़े सरकारी सौदों में निर्णय कौन ले रहा है? किसके हित सुरक्षित रखे जा रहे हैं? क्या नियामकों और सार्वजनिक संस्थानों की स्वतंत्रता बरकरार है? क्या संभावित हितों के टकराव की जांच होती है? क्या मूल्यांकन, सलाहकारों की नियुक्ति और फैसलों की प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होता है या नहीं? और सबसे अहम: क्या संसद को केवल फैसले सुना दिए जाते हैं, या सरकार उसके प्रति अपनी जवाबदेही भी स्वीकार करती है?
मोदी सरकार को तीन सीधे सवालों का जवाब देना चाहिए:
1. IDBI के शेयर की न्यूनतम कीमत पहले ₹94.42 तय की गई थी। फिर इसे घटाकर ₹75.99 क्यों किया गया? सरकार के अपने तय न्यूनतम मूल्य से करीब ₹8,800 करोड़ कम में बैंक बेचने की नौबत क्यों आई? यह किसके कहने पर और क्यों हुआ?
2. Fairfax की बोली खुलने वाले दिन ही न्यूनतम कीमत क्यों और किन नियमों के तहत बदली गई? नई कीमत तय करने वालों को क्या पहले से पता था कि Fairfax ने कितनी बोली लगाई है?
3. जब LIC Fairfax को IDBI में अपनी हिस्सेदारी बेच रही थी, तब LIC का एक निदेशक Fairfax की ही एक कम्पनी के बोर्ड में भी बैठा था। क्या यह हितों का सीधा टकराव नहीं है? और IDBI की बिक्री प्रक्रिया शुरू होने के बाद Fairfax समूह की कम्पनियों में दस पूर्व सरकारी और नियामक अधिकारियों की नियुक्ति क्यों हुई? क्या इन नियुक्तियों की जांच हुई और किसने की?
न्याय होना ही नहीं चाहिए, होते हुए दिखना भी चाहिए। लेकिन जब गंभीर सवालों के जवाब न मिलें, हितों के टकराव की स्वतंत्र जांच न दिखे और फैसलों की प्रक्रिया पारदर्शी न हो, तो निष्पक्षता कहां है?
लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों, विश्वास और सम्मान की पहचान है। और इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है, जनता का एक-एक वोट।
जब बात हमारे मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की हो, तो खामोश रहना विकल्प नहीं हो सकता।
अब वक्त है एकजुट होकर आवाज़ उठाने का, हर सवाल का जवाब मांगने का और यह सुनिश्चित करने का कि हर वोट की कीमत हो, हर नागरिक की आवाज़ सुनी जाए और लोकतंत्र में जनता का विश्वास कायम रहे।
आइए, अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग के लिए एक साथ कदम बढ़ाएँ। क्योंकि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब जनता जागरूक होगी और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ी होगी।
📍 1 नवंबर | रामलीला मैदान, दिल्ली
✊ हमारा वोट, हमारा अधिकार!
हमारी आवाज़, हमारी ताकत!
लोकतंत्र से खिलवाड़ नहीं चलेगा!
लोकतंत्र की रक्षा के लिए आइए, एकजुट हों!
#ChaloDilli
Netta D'Souza retweeted
LIVE: INDIA Bloc Media Bite | 10 Rajaji Marg, New Delhi teapaw.org/i/broadcasts/1oKMvNPOk…
Netta D'Souza retweeted
Sitting on your lap. Holding both your hands. Listening to your voice say these words. Repeating them after you.
asato mā sadgamaya
tamaso mā jyotirgamaya
mṛtyormā amṛtaṃ gamaya
OM Shanti, shanti, Shanti
What a beautiful gift you gave me Dadi. What a gift.
I never imagined.
Netta D'Souza retweeted
भारत के प्रथम गृह मंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
एकता के सूत्रधार और आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में उन्होंने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की मजबूत नींव रखी। उनके आदर्श सदैव हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
Netta D'Souza retweeted
कल मिलते हैं, साथ चलते हैं!
कनॉट प्लेस मिंटो रोड जंक्शन ➡️ अजमेरी गेट ⤵️ रामलीला मैदान
🗓️ 1 नवंबर | 🕛 दोपहर 12 बजे
#ChaloDilli
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री, अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अद्भुत नेतृत्व क्षमता की प्रतीक श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए उनका समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा का जज़्बा सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव हमारी स्मृतियों में अमर रहेगा।
#IndiraGandhi
Netta D'Souza retweeted
Architect of a united India, lifelong Congressman and our eternal inspiration!
Sardar Patel’s vision of an all encompassing India, where our rich diversity is celebrated and our collective strength lies in integration, remains our magna carta.
Paid our respectful tributes to Sardar Vallabhbhai Patel on his birth anniversary.
📍 Samvidhaan Sadan
Congress President Shri @kharge paid floral tribute to former Prime Minister Smt. Indira Gandhi ji at Shakti Sthal on her death anniversary.
We remember her courage, strong leadership and lifelong commitment to India's unity, integrity and progress.
📍New Delhi
LIVE: Media Byte | LoP Shri @RahulGandhi Ji along with INDIA Bloc Leaders | 10 Rajaji Marg, New Delhi
LIVE: Media Byte | LoP Shri @RahulGandhi along with INDIA Bloc Leaders | 10 Rajaji Marg, New Delhi teapaw.org/i/broadcasts/1oKMvNPOk…
लोकतंत्र की असली ताकत जनता के वोट में है और हर एक वोट हमारे संवैधानिक अधिकारों की पहचान है।
आज वक्त है अपने मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होने का, वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का और निष्पक्ष चुनाव की मांग को मजबूती से उठाने का।
आइए, लोकतंत्र की गरिमा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हों। क्योंकि जब जनता जागरूक होती है, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है।
📍 1 नवंबर | रामलीला मैदान, दिल्ली
✊ हमारा वोट, हमारा अधिकार — लोकतंत्र से नहीं होगा कोई समझौता!
#ChaloDilli
Netta D'Souza retweeted
BJP-sponsored outfits holding a 'mock Parliament' after 12 years of BJP making a mockery of Parliament itself.
First treat Parliament as a rubber-stamp to steamroll Bills and silence the Opposition, and now run a 'mock Parliament' to make a cruel joke of democracy itself.
Waah Modi ji, Waah!
Mock Parliament Begins Amid S.I.R Row
- In Mock Parliament: Pretend PM, HM, Rahul Gandhi, Sonia Gandhi
- Citizens for Democracy's 'Mock Parliament' at NDMC
- 'Mock Parliament' to counter 'public impeachment' move
@Sabyasachi_13 share more updates with @shreyadhoundial
बीजेपी की “लोकतंत्र बचाओ” रैली में आई एक माँ की पीड़ा सुनिए, इन्होंने अपने विकलांग बेटे को पढ़ाया लिखाया है। माँ की इच्छा है कि उनके बेटे को नौकरी मिल जाती तो उसका जीवन सुधर जाता। बेटा BA पास है लेकिन फिर भी बीजेपी की डबल इंजन सरकार में नौकरी नहीं मिल रही है।
बीजेपी सरकार में बेरोजगारी चरम पर है। रोजगार के नाम पर बीजेपी के पास सिर्फ “खोखले वादे” हैं। हर साल दो करोड़ रोजगार का वादा करने वाली बीजेपी सरकार एक पढ़े लिखे युवा को रोजगार नहीं दे पा रही है।यही बिहार की डबल इंजन सरकार की असलियत है।

























